नकल का खेल ! प्रशासन पास बाकी सब फेल

गाजीपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं में पैसा लेकर किसी को भी मेरिट तक में स्थान दिलाने का माद्दा रखने वाले रसूखदार, जनपद के चर्चित शिक्षा माफिया पारसनाथ कुशवाहा के विरुद्ध गिरोह बंद अधिनियम की धारा 14( 1) के तहत आज कारर्वाई करते हुए उनकी कुल 12 करोड़ 31 लाख 58950 रुपए की संपत्ति कुर्क कर ली गई। प्रशासन द्वारा इस संपत्ति को कब्जा करने से पूर्व डुग्गी पिटवा कर उद्घोषणा करा कर सार्वजनिक रूप से जनता को इस कार्यवाही से अवगत कराया गया। इस कुर्क संपत्ति को कस्टोडियन तहसीलदार सदर जनपद गाजीपुर के अधीन सुपुर्द कर दिया गया है।


कुर्क संपत्ति में छह मोटरसाइकिल,दस भूमि /प्लॉट,चार भवन/इमारत,चार चार पहिया वाहन जिनकी अनुमानित लागत ₹12 करोड़ 31लाख 58 हजार नौ सौ पचास बतायी गयी है।
एसडीएम सदर प्रभास कुमार के अनुसार शिक्षा माफिया पारसनाथ कुशवाहा के छावनी लाइन गाजीपुर के बुद्धम् शरणम् इंटर कालेज व ग्‍लोरियस पब्लिक स्‍कूल आदर्श गांव की भूमि व भवन को उत्‍तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलापों अधिनियम 1986 में निहित प्राविधानों में प्रदत अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला मजिस्‍ट्रेट के आदेश से कुर्क की गयी है।
बताते चलें कि यह कालेज विभिन्‍न प्रवेश परीक्षाओं में नकल कराकर पास कराने के लिए बदनाम रहा है। कुछ वर्ष पूर्व पालिटेक्निक की प्रवेश परीक्षा में इस परीक्षा केंद्र के 5 परीक्षार्थी प्रदेश के टॉपरों की सूची में पहुंच गये। जब शासन ने पूरे प्रकरण की जांच करायी तो मामला सामुहिक नकल का आया। इसके बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य व अन्य कई लोग सिकंजे के पीछे जा पहुंचे। इसके उपरांत टीईटी की परीक्षा में भी जमकर खेल हुआ। आलम यह रहा कि एसटीएफ ने शिक्षा माफिया को नकल कराते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। शासन ने पूरे प्रकरण को संज्ञान में लेकर आज कुर्की की कारर्वाई की है। कुर्की की कार्रवाई में सीओ सिटी ओजस्‍वी चावला, शहर कोतवाल दिलीप सिंह, इंस्‍पेकटर संतोष सिंह, करंडा उपनिरीक्षक अशोक मिश्रा, गोराबाजर चौकी इंचार्ज अनुराग गोस्‍वामी, तहसीलदार मुकेश सिंह सहित आधा दर्जन लेखपाल व बड़ी तादात में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गण मौजूद रहे।

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