चेतावनी बिन्दु को पार कर उफनाई गंगा

डीएम, एसपी ने किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश 

गाज़ीपुर। जिले में कम बरसात के बावजूद पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हुई बरसात ने गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिन्दु को अपने आगोश में ले लिया। इसके बावजूद प्राणी जन उमस और गर्मी से परेशान रहे। उसके बाद रह रह कर हो रही बरसात ने धरती, पशु-पक्षी, खेत और आमजन को अपनी बूंदों से सरोबार किया है और अब जाकर खेतों में पानी दिखने लगा है लेकिन अब तक गर्मी से राहत नहीं मिली है पर पहाड़ी व मैदानी इलाकों में होने वाली बरसात से जिले में गंगा नदी का जलस्तर अब बढ़ने लगा है। गंगा नदी का जलस्तर अब बढ़ाव पर है। इससे नदी किनारे बसेरा बनाए लोगों व समीपवर्ती बस्तियों के निवासियों के माथे पर चिंता की लकीरें उभरने लगी हैं। पिछले हफ्ते बढ़ाव की ओर अग्रसर गंगा नदी रविवार 16 अगस्त को बढाव पर रहीं और सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 57.070 मीटर मापा गया। सोमवार 17 अगस्त की सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 58.150 मीटर, मंगलवार 18 अगस्त को सुबह आठ बजे जलस्तर 59.310 मीटर तक जा पहुंचा और बढ़ते जलस्तर ने सामान्य जलस्तर की माप 59.906 मीटर को पार कर दिया। 21 अगस्त को दोपहर ग्यारह बजे गंगा का जलस्तर 61.770 मीटर तथा संध्या पांच बजे जलस्तर 61.890 मीटर तक जा पहुंचा। 22 अगस्त शनिवार को दोपहर ग्यारह बजे जलस्तर चेतावनी बिन्दु को पार कर 62.240 मीटर तक जा पहुंचा और शाम तीन बजे जल स्तर 62.280 मीटर पर रहा।

          उल्लेखनीय है कि जिले में गंगा के जलस्तर की सीमा निर्धारित है। इसके अनुसार, सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर, चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर, खतरा बिन्दु 63.105 मीटर तथा बाढ़ का उच्च स्तर 65.220 मीटर है।     


       यदि गत वर्षों की स्थिति पर नजर डालें तो वर्ष 2019 में बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.530 मीटर, वर्ष 2021 बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.680 मीटर, वर्ष 2022 बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.390 मीटर, वर्ष 2023 में बाढ़ का उच्च जलस्तर 61.700 मीटर तथा वर्ष 2025 में बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.690 मीटर रहाl

      जनपद में बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा द्वारा बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी द्वारा जमानियां क्षेत्र स्थित पक्का बलुआ घाट का निरीक्षण कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया गया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने से पूर्व ही पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री एवं बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। तत्पश्चात जिलाधिकारी द्वारा सब्बलपुर कलां में कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ एवं कटान से प्रभावित होने वाले लोगों के लिए पहले से ही पर्याप्त राहत सामग्री, नाव आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस दौरान उन्होंने ग्राम प्रधान तथा स्थानीय लोगों से संवाद कर जानकारी भी ली। साथ ही बड़ी संख्या में पशुओं के प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में चारा-भूसा आदि की व्यवस्था भी पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ एवं कटान की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन द्वारा बाढ़ से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से बचाव हेतु लोगों को जागरूक करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होने गांव में ई-खसरा के स्थिति की भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी जमानियां, तहसीलदार जमानियां सहित अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

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