तेज लाउडस्पीकर बजाने पर कार्रवाई निश्चित
रिहायशी क्षेत्र में दिन में 55 डेसिबल व रात में 45 डेसिबल के भीतर निर्धारित है ध्वनि की तीव्रता
गाजीपुर। मानक के विपरित तेज आवाज में चलने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकरों) को हटवाने हेतु पुलिस प्रशासन द्वारा समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया गया।
यह कार्रवाई पुलिस को प्राप्त जन सुचनाओं के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा के निर्देशन में की गयी। मानक के विरुद्ध लाउडस्पीकर/ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन की शिकायतें पुलिस को प्राप्त हो रही थीं।
उल्लेखनीय है कि माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों और शासन की अपेक्षानुसार विगत कई वर्षों से धर्मस्थलों पर मानक के विपरीत लाउडस्पीकर/ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन के विरुद्ध समय समय पर अभियान चलाया जाता रहा है। इसी क्रम में मुख्यालय द्वारा तीन दिवसीय चेकिंग अभियान चलाये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके प्रथम दिन 36 ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज कम कराई गई तथा एक लाउडस्पीकर को उतरवाया गया।
यह अभियान माननीय उच्चतम न्यायालय तथा उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। इस दौरान सभी संबंधित धार्मिक स्थलों के प्रबंधन समितियों और जनसाधारण से संवाद कर उन्हें ध्वनि प्रदूषण के नियमों और कानूनी प्रावधानों को बताया गया कि इसका उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण करना, स्वस्थ और शांत वातावरण बनाए रखना है।
पुलिस टीम द्वारा नियमों का उल्लंघन कर लगे अवैध लाउडस्पीकरों को स्वयं हटा लेने अथवा निर्धारित मानकों के अनुसार आवाज सीमित करने हेतु प्रेरित किया गया। कहा गया कि ध्वनि का स्तर निर्धारित सीमा (जैसे रिहायशी क्षेत्र में दिन में 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल) के भीतर रहना चाहिए। इसमें कई स्थानों पर सकारात्मक सहयोग प्राप्त हुआ।
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