ससमारोह मनाई गई समालोचक डॉ. पी.एन. सिंह की पुण्यतिथि 

गाजीपुर। जिला मुख्यालय स्थित लंका मैरिज हाल के सभागार में आयोजित मार्क्सवादी चिंतक, विचारक एवं समालोचक डॉ. पी.एन. सिंह की प्रथम पुण्यतिथि समारोह पूर्वक मनाई गई। 

      इस अवसर पर ‘हमारे लिए पी. एन. सिंह संदर्भ डॉ0 बी0 आर0 अंबेडकर’ पर विचार व्यक्त करते हुए मऊ से आए ‘अभिनव कदम’ पत्रिका के संपादक जयप्रकाश धूमकेतु ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि कहा कि पी0 एन0 सिंह एक तार्किक और मुखर वक्ता थे। जब बोलने लगते थे तो श्रोता ही नहीं, मंच पर बैठे बड़े-बड़े विचारक भी उनके मुरीद हो जाते थे। 

     राम पूजन सिंह ने कहा कि पी0एन0 सिंह स्थितप्रज्ञ व्यक्ति थे। पारिवारिक संबंधो से ऊपर उठकर बैचारिकी को विशेष महत्व देते थे। उनका मानना था कि सांसारिक संबंध मरने के बाद खो जाते हैं किन्तु विचार चिरकालिक होते हैं।

    वाराणसी से आये डॉ0 एम0पी0 सिंह ने कहा कि पी0एन0 सिंह का मानना था कि केवल साहित्य लिख देने मात्र से ही बैचारिकी क्रांति नहीं लाई जा सकती है। उसके लिए धरातल पर कार्य रूप देना नितांत आवश्यक होता है।  किसी भी उच्च स्तरीय साहित्य का अध्ययन करने के लिए मार्क्सवादी सोच कर रखना नितांत आवश्यक है। इसका उन्होंने पालन भी किया।

     चंदौली से आए मार्क्सवादी चिंतक डॉ0 सुभाष राम ने कहा कि अंबेडकर के विचारों से पी0एन0 सिंह के विचार बहुत हद तक मेल खाते थे। अंबेडकर जिस तरह हर प्रकार के शोषित, वंचित तथा दलित वर्ग के उत्थान की बात करते थे, पी0 एन0 सिंह का भी मानना था कि जब तक इस समुदाय को प्रत्येक दृष्टि से सशक्त नहीं बनाया जायेगा, तब तक देश और समाज में सुख और शांति नहीं कायम की जा सकती है।

     समारोह की अध्यक्षता करते हुए उपन्यासकार रामावतार ने कहा कि पी0 एन0 सिंह जैसा समाजवादी चिंतक बहुत कम होते हैं। वे जो कुछ भी कहते थे, डंके की चोट पर कहते थे और तार्किक रूप से कहते थे। यही कारण था कि उनके विचार अकाट्य हुआ करते थे। इसीलिए वैचारिक पत्रिका के रूप में ‘समकालीन सोच’ नामक पत्रिका का उन्होंने संपादन प्रारंभ किया।

            इस अवसर पर मार्कंडेय सिंह, शेख जैनुलाब्दीन, पूर्व प्राचार्य डा.अशोक सिंह, डॉ श्रीकांत पांडेय, डा. बालेश्वर विक्रम, डॉ. निरंजन यादव, बद्री सिंह, रामनगीना कुशवाहा, राम विलास यादव, इरफान, अमेरिका यादव, डा. रामबदन सिंह, कन्हई राम प्रजापति, डा. संतोष तिवारी,  डा. मदन गोपाल सिन्हा, आदि ने जहां विचार व्यक्त किया वही डॉ गजाधर शर्मा गंगेश ने काव्यांजलि प्रस्तुत की। डॉ0पी0 एन0 सिंह की अनुज बधू श्रीमती शैल कुमारी ने आगत अतिथियों का आभार व्यक्त किया। समारोह का संचालन डॉ. संतोष कुमार सिंह ने किया।

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