बख्से नहीं जायेंगे असत्य, भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलानेवाले – वैभव कृष्ण डीआईजी 

जिले में धारा 163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू


गाज़ीपुर। पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र वैभव कृष्ण ने जिले के करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव की घटना के संदर्भ में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले में शांति व्यवस्था सामान्य है। गांव में किसी प्रकार का तनाव या अराजकता की स्थिति नहीं है।

       उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू की गयी है। इसके अन्तर्गत जिले में किसी भी प्रकार के कैंडल मार्च, धरना-प्रदर्शन या सार्वजनिक सभा पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

       घटना को तूल देकर गांव व क्षेत्र के माहौल को तनावग्रस्त करने में लगे कुछ संगठनों और व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से असत्य, भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने में जूटे लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई भी की है। इनको गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित  16 आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही में जूटी हुई है।

      पुलिस उपमहानिरीक्षक ने कहा कि केवल सत्य और प्रमाणिक खबरें ही प्रकाशित की जायें। भ्रामक व अफवाह फ़ैलाने वालों व जातीय विद्वेष फैलाने वालों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी।

         उल्लेखनीय है कि गत 15 अप्रैल को जमानियां धरम्मरपुर पुल के पास एक किशोरी निशा विश्वकर्मा का चप्पल, मोबाइल, गमछा आदि प्राप्त हुआ था। बाद में उसका शव नदी से मिला था। परिजनों के लिखित सूचना के आधार पर मृत किशोरी निशा शर्मा का पोस्टमार्टम कराया गया तथा क्षेत्राधिकारी नगर की मौजूदगी में मृतका के पिता सियाराम शर्मा द्वारा दिये गये लिखित सूचना के आधार पर थाना करण्डा में हत्या के सम्बन्ध में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इस प्रकरण में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य अभियुक्त हरिओम पाण्डेय पुत्र सुभाष पाण्डेय निवासी ग्राम कटरिया थाना करण्डा जनपद गाजीपुर को हत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेज दिया था।

    इस मामले को लेकर विपक्षी राजनीतिक दलों और उनके समर्थित सोशल मीडिया ने भ्रामक पोस्ट डालकर जन समुदाय को गुमराह कर जातिय विद्वेष पैदा करने की कोशिश की थी। कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के लोगों ने भी गांव पहुंच कर मामले को बिगाड़ने का काम किया था। अब प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए शांति, सुरक्षा, या दंगा रोकने के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू कर सभाओं, हथियारों, या विशिष्ट गतिविधियों व पांच से अधिक लोगों के एक साथ एक स्थान पर एकत्रित होने पर रोक लगा दी है।

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