जिले में प्रचुर मात्रा में उर्वरक उपलव्ध, पॉस मशीन से ही होगी उर्वरकों की बिक्री

खण्ड विकास अधिकारी बने नोडल अधिकारी 


गाजीपुर। प्रमुख सचिव उ.प्र. शासन द्वारा खरीफ अभियान में उर्वरकों को कृषकों को निर्धारित दरों पर उनकी जोत के अनुसार आवश्यक मात्रा में उपलब्ध कराने हेतु पॉस मशीन से ही उर्वरक वितरण कराने के निर्देश दिये गये हैं। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि पॉस मशीन से शत-प्रतिशत उर्वरक वितरण कराने से जमाखोरी/ कालाबाजारी/ निर्धारित दर से अधिक दरों पर बिक्री व अन्य उत्पादों की टैगिंग पर रोक लगेगी।

   उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा खरीफ अभियान हेतु सदर तहसील के विकास खण्ड सदर के 15 समिति पर 180 मैट्रिक टन, करण्डा में 10 समिति पर 120 मैट्रिक टन, बिरनों में 13 समिति पर 156 मैट्रिक टन व मरदह की 10 समितियों पर 96 मैट्रिक टन कुल 47 सहकारी समितियों पर 552 मैट्रिक टन डी.ए.पी. का आवंटन किया गया है। तहसील मुहम्मदाबाद में विकास खण्ड मुहम्मदाबाद की 16 समितियों पर 120 मैट्रिक टन, बाराचवर के 11 समितियों पर 120 मैट्रिक टन व भांवरकोल की 11 समितियों पर 60 मैट्रिक टन कुल 300 मैट्रिक टन, विकास खण्ड कासिमाबाद के 17 समितियों पर कुल 144 मैट्रिक टन डी.ए.पी. का आवंटन किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा जनपद के तीन  तहसीलों के कुल 103 समितियों पर कुल 996 मैट्रिक टन डी.ए.पी. का आवंटन किया गया है, जिसके लिए विकास खण्ड के खण्ड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इसका वितरण संबन्धित विकास खण्ड के खण्ड विकास अधिकारियों के सत्यापनोपरान्त किया जा रहा है। शेष विकास खण्ड में भी जिलाधिकारी से आवंटन के पश्चात् शीघ्र ही डी.ए.पी. का प्रेषण किया जायेगा। 

     जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक संस्तुतियों के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें, किसी भी दशा में आवश्यकता से अधिक उर्वरकों का प्रयोग न किया जाय‌। आवश्यकता से अधिक उर्वरकों के प्रयोग से  जहां खेती की लागत में बृद्धि होती है वहीं मुदा/पर्यावरण स्वास्थ्य पर प्रतिकुल प्रभाव भी पड़ता है। उच्च गुणवत्तायुक्त उत्पाद प्राप्त करने हेतु किसान हरी खाद/कम्पोस्ट खाद/वर्मी कम्पोस्ट/नैनो डी.ए.पी./नैनो यूरिया का प्रयोग करें।

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