सहजानंद पीजी कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 26 सितम्बर से

 

गाज़ीपुर। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली तथा स्वामी सहजानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाज़ीपुर  के संयुक्त तत्वाधान में अंतरराष्ट्रीय अंतर्विषयक संगोष्ठी 26-27 सितंबर,2023 को आयोजित है।,

        “बदलते सामाजिक परिवेश मे कृषक समाज : स्वामी सहजानन्द के विचारों की प्रासंगिकता” विषयक संगोष्ठी हेतु  वर्तमान युग में बदलते सामाजिक परिवेश में भारतीय कृषक समाज की क्या दशा और दिशा होनी चाहिए, इस परिप्रेक्ष्य में स्वामी जी के विचारों की किसान संदर्भों में क्या प्रासंगिकता हो सकती है ; इस पर गहन मंथन, चिंतन, मनन और पड़ताल की महती आवश्यकता है। इसके लिए मुख्य विषय के साथ ही भारत में किसान आंदोलन की परंपरा,भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष और किसान आंदोलन, किसान आंदोलन के सूत्रधार स्वामी सहजानन्द सरस्वती, भारतीय चिंतन परंपरा और स्वामी सहजानन्द, भारत के राष्ट्रवादी नेता और स्वामी सहजानन्द, वर्तमान स्थिति में स्वामी सहजानन्द की प्रासंगिकता, किसान आंदोलन में स्वामी सहजानंद की भूमिका, किसने और खेत मजदूर के नायक स्वामी सहजानन्द, स्वामी सहजानन्द का भारत, महात्मा गांधी और स्वामी सहजानन्द, स्वामी सहजानन्द और ब्रम्हर्षि वंश, स्वाधीनता संग्राम में सहजानन्द की भूमिका, सूचना तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी के युग में कृषक समाज, पर्यावरण संरक्षण में किसानों की भूमिका, भारत की आर्थिक प्रगति में किसानों की भूमिका तथा  रासायनिक बनाम जैविक खेती शीर्षक पर सारांशिका एवं शोध-पत्र स्वीकार किया जायेगा।

        संगोष्ठी  समन्वयक डॉ. प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ‘अनंग’ ने बताया कि शोध-पत्र पूर्ण रूप से मौलिक होना चाहिए, जिसका घोषणा-पत्र साथ में संलग्न करें। सारांशिका मंगल फ़ाण्ट-12 एवं अंग्रेजी के  लिए टाइम न्यू रोमन -11 में टंकित कराकर वर्ड फाइल में मेल पर प्रेषित करें। सहभागिताके इच्छुक प्रतिभागी अपने शोध-पत्र की सारांशिका (300 शब्दों में) 20 सितंबर, 2023 तक मेल पर भेजें। विस्तृत जानकारी के लिए समन्वयक डॉ. प्रमोद कुमार श्रीवास्तव “अनंग” के व्हाट्सएप एवं मोबाइल नं-  9450725810 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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