बढ़ा गंगा का जलस्तर, गांव की सरहदों तक पहुंचा पानी
धान और सब्जी की फसलों पर मंडराने लगा संकट
गाजीपुर। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से गंगा किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही अनेकों स्थानों पर पानी गांव के सरहद को पार कर खेतों तक जा पहुंचा है। खेतों में लगातार पानी भरा रहने से धान और सब्जी की फसले गल कर नष्ट हो रही हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कई गांवों के लोग रातभर जागकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि पानी की रफ्तार ऐसे ही बनी रही तो तो किसानों की सारी लेई पूजी नष्ट हो जायेगी और उनके समक्ष रोजी रोजगार का संकट उत्पन्न हो जायेगा।
आपात स्थिति को देखते हुए जिले का प्रशासनिक अमला पूरी तरह तत्पर है। बाढ़ चौकियों तथा सम्बन्धित अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा प्रतिक्षण स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 03 सितम्बर 2026 को दोपहर ग्यारह बजे गंगा का जलस्तर 63.510 मीटर रहा और जलस्तर में वृद्धि जारी है। बाढ़ की स्थिति का मापदंड की बात करें तो सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर, चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर, खतरा बिंदु 63.105 मीटर तथा बाढ़ का उच्च स्तर 65.220 मीटर निर्धारित है।
बताते चलें कि वर्ष 2021 बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.680 मीटर, 2022 बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.390 मीटर, 2023 में बाढ़ का उच्च जलस्तर 61.700 मीटर,
2024 में बाढ़ का उच्च जलस्तर 63.670 मीटर और वर्ष 2025 में बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.690 मीटर रहा।
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