विरासत में मिले संसाधन को अगली पीढ़ी के लिए बेहतर बनाएं 

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, टेरी एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, गाजीपुर, पी.जी. कॉलेज गाजीपुर, आदर्श इंटर कॉलेज गाजीपुर, कृषि विज्ञान केंद्र एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में ‘जेन जेड फार ग्रीनर टुमारो’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


       कार्यक्रम में लगभग 1000 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. आर. पी. सिंह, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वृक्षारोपण महायज्ञ 2026-‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत शिव वाटिका उद्यान में नारियल का पौधा लगाया तथा जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विद्यार्थियों की सहभागिता से इस अवसर पर शिव वाटिका में कुल 100 पौधे लगाए गए।

        कार्यक्रम मे उत्तर प्रदेश के अपर महाअधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह, डीएफओ गाजीपुर अजीत सिंह, टेरी इंस्टीट्यूट के निदेशक एवं प्रिंसिपल तथा यूपीपीसीबी वाराणसी के क्षेत्रीय अधिकारी रोहित कुमार मौजूद रहे। 

       कार्यक्रम के अंतर्गत एन एस एस के विद्यार्थियों द्वारा गोराबाजार सब्जी मंडी में जागरूकता एवं स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद एन एस एस, एनसीसी, स्काउट्स एवं गाइड्स तथा रोवर्स एवं रेंजर्स के विद्यार्थियों ने टेरी पी.जी. कॉलेज के मैदान से विकास भवन तक जागरूकता रैली निकाली। इस अवसर पर मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया तथा उन्होंने स्वर्गीय बाबू राजेश्वर प्रसाद सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

         युवाओं से भावी पीढ़ी के लिए बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए डॉ. सिंह ने जेन जेड की क्षमता तथा पूर्वांचल की विकास संभावनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार ही पूर्वांचल की अपार विकास संभावनाओं को सतत् विकास की ओर ले जाएंगे।

         सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए उन्होंने इसके उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बायोडिग्रेडेबल एवं कम्पोस्टेबल प्लास्टिक को अपनाने पर भी जोर दिया।

        अजीत कुमार सिंह ने अपने संबोधन मे युवाओं से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग कम करना, कपड़े अथवा जूट के थैलों का उपयोग करना, प्लास्टिक कचरे का उचित निस्तारण एवं पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना जैसे छोटे-छोटे प्रयास हरित एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

        प्राचार्य प्रो० (डा०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कार्यक्रम को उपयोगिता बताते हुए अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

       कार्यक्रम का संयोजन और संचालन डा० अमित प्रताप के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संजय भटनागर, राणा प्रताप सिंह, संजीव सिंह, डा० बालेश्वर सिंह,  डा० विनोद सिंह, अनिल कुमार श्रीवास्तव, डा० दिनेश  सिंह , डा० अजातशत्रु सिंह , पीयूष सिंह , डॉ० दुर्गेश कुमार सिंह, डा० सुभाष चन्द्र गुप्त, कमला प्रसाद गुप्त आदि उपस्थित रहे

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