कर्म और भक्ति के संयुक्त अवतार बजरंग बली
महावीर जयंती पर आलेख मनोजवं मारुततुल्यवेगमं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।। हनुमान जी को यदि कर्म और भक्ति का संयुक्तावतार कहा जाए तो गलत नहीं होगा क्योंकि … Read More










