निरंकारी बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में मना समर्पण दिवस 

गाज़ीपुर। संत निरंकारी सत्संग भवन बहरियाबाद में निरंकारी बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में समर्पण दिवस का आयोजन सम्पन्न हुआ।


    वाराणसी के संत डा. पुष्पेन्द्र अस्थाना ‘पुष्प’ ने निरंकारी बाबा को सतगुरु के रूप में परिभाषित करते हुए उन्हें साक्षात ब्रह्म की संज्ञा दी। कहा कि उनका सम्पूर्ण जीवन मानवता के लिए समर्पित रहा। वे समर्पण के साक्षात प्रतिमूर्ति थे। उनकी याद में आज समर्पण दिवस मनाया जा रहा है। कहा कि सतगुरु ही विधि, विधान एवं विधाता होता है। समर्पण के लिए गुरु एक जीवंत विधि है। जिसके मार्गदर्शन में समर्पण सहज रूप से जीवन में प्रकट हो जाता है। समर्पण ही अध्यात्म का सर्वोच्च बिंदु है। जिसकी परिणति अंततः परम आनंद के रूप में होती है। जो जीवन का परम लक्ष्य है। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ सम्पूर्ण अवतार वाणी व हरदेव वाणी से हुआ। वक्ताओं ने बाबा हरदेव सिंह को गीतों एवं विचारों के माध्यम से स्मरण  किया। प्रमुख रूप से जयराम सिंह, श्याम प्यारी सिंह, डा. के के. सिंह, शिवप्रसाद सिंह, रोहित अस्थाना, प्रेम सहाय, निर्मला प्रजापति, कुसुम सिंह, छाया सिंह, कालिका प्रसाद आदि उपस्थित रहे। संचालन शाखा प्रमुख अमित सहाय तथा आभार ज्ञापन नव्यवस्थापक दयाशंकर ने किया।

Views: 109

Advertisements

Leave a Reply