रिश्वतखोरी ! एंटीकरप्शन टीम ने रिश्वत के पचास हजार रुपयों संग लिपिक को दबोचा

गाज़ीपुर(उत्तर प्रदेश),21 दिसम्बर 2018। अपने ही कार्यालय के कर्मचारी से रिश्वत लेना जिले के सैदपुर नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य लिपिक सुरेंद्र सोनकर को भारी पड़ गया। सफाईकर्मी मुन्ना निगम के आवेदन पर एंटी करप्शन वाराणसी की टीम ने कल शाम कार्यालय से लिपिक सुरेंद्र सोनकर को रिश्वत के 50 हज़ार रुपए संग रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
बताया गया कि मुन्ना निगम के पिता इसी नगर पंचायत में चपरासी के पद कार्यरत थे जिनकी मृत्यु वर्ष 2012 में हो गयी तो पुत्र ने मृतक आश्रित के रुप में नौकरी व पिता के भविष्य निधि और पेंशन के लिए आवेदन किया। इस पर उसके पिता को वहां का अस्थायी कर्मचारी बतकर पल्ला झाड़ लिया गया। बार बार कार्यालय के चक्कर लगाकर थके मुन्ना ने तब न्यायालय का रुख किया।हाईकोर्ट में 5 वर्षों की लड़ाई के बाद न्यायालय ने मुन्ना के पिता को नियमित कर्मचारी मानते हुए मुन्ना को मृतक आश्रित के स्थान पर नौकरी देने का आदेश दिया। उच्च न्यायालय के आदेश पर मुन्ना को 19 दिसंबर को नियमित सफाई कर्मचारी के रूप में नियुक्ती तो मिल गयी पर मुन्ना ने मृत पिता के भविष्य निधि व पेंशन के पैसों के भुगतान के लिए वह अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी व लिपिक से कई बार मिला। इसके एवज में लिपिक सुरेंद्र सोनकर ने पचास हजार रुपये की मांग की। मुन्ना ने कई बार लिपिक सुरेंद्र सोनकर से अपना रोना रोया पर रिश्वत के पैसे न देने के चलते उसका काम अधर में लटका रहा। थक हारकर मुन्ना ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन कार्यालय वाराणसी में की। रिश्वतखोर को पकड़ने के उद्देश्य से पहुंची एंटीकरप्शन टीम लिपिक को घूस लेते रंगे हाथ अपनी गिरफ्त में ले लिया। टीम के प्रभारी रामसागर ने बताया कि लिपिक को केमिकल युक्त 50 हजार रुपयों के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया है, इसके विरुद्ध आवश्यक कारर्वाई करते हुए इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
एंटीकरप्शन टीम में संतोष कुमार दीक्षित, एएन दूबे, अशोक कुमार सिंह, नरेंद्र सिंह विजय प्रधान व सुनील यादव मौजूद रहे। कोतवाल शरद चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि टीम ने तहरीर दे दी है। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपित कर्मचारी को जेल भेजा जायेगा।


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