शिकायत के मनमाने निस्तारण पर लेखपाल के विरुद्ध मुख्यमंत्री से गुहार 

गाजीपुर। जखनियां  तहसील के जलालाबाद देवरी-बारी गांव से जुड़े भूमि विवाद के मामले में लेखपाल द्वारा मनगढ़त आख्या लगाकर मामले का निस्तारण करने पर भुक्तभोगी ने मुख्यमंत्री को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।


     शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसकी शिकायत संख्या 40019526019117 में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर भ्रामक एवं असंगत आख्या प्रस्तुत कर शिकायत का निस्तारण दर्शा दिया गया। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने गाटा संख्या 338 (चक आउट) की कथित अवैध पैमाइश, रकबा परिवर्तन की आशंका तथा पूर्व में स्थित नाले को बंद किए जाने से उत्पन्न जल-जमाव और फसल क्षति के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। वह शिकायत 30 जून 2026 तक लंबित रही, लेकिन 1 जुलाई 2026 को अचानक निस्तारित दिखा दी गई। पीड़ित

का कहना है कि लेखपाल द्वारा प्रस्तुत आख्या में मूल शिकायत से जुड़े तथ्यों के स्थान पर दूसरी गाटा संख्या, अन्य काश्तकारों के नाम तथा अलग प्रकृति के विवाद का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि शिकायत गाटा संख्या 338 से संबंधित थी, जबकि आख्या में गाटा संख्या 1523 मि. अंकित कर दी गई, जो पूरी तरह असंगत है।

        शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जांच आख्या में उनका मोबाइल नंबर और पता भी गलत दर्ज किया गया और उनसे किसी प्रकार का संपर्क भी नहीं किया गया।

          उन्होंने मूल शिकायत में चकबंदी के समय का रकबा, वर्तमान अंतिम रकबा, चकबंदी का अंतिम नक्शा (सीएच-41/सीएच-45), पैमाइश का विधिक आधार तथा बंद किए गए नाले के संबंध में अभिलेखों सहित स्पष्ट जांच की मांग की गई थी, लेकिन इन बिंदुओं पर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया।

इस संबंध में उप जिलाधिकारी जखनियां से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। अब जानकारी मिली है तो प्रकरण की जांच कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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