कार्यमुक्त होने पर संविदाकर्मियों ने डीएम से लगाई गुहार 

डीएम ने एसडीएम व ईओ को सौंपी जांच 


गाजीपुर। नगर पंचायत सादात में अपनी सेवाएं दे रहे दर्जन भर संविदाकर्मियों को अचानक कार्य मुक्त किए जाने पर पीड़ितों ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए जिलाधिकारी से गुहार लगाई है।

       नगर पंचायत सादात प्रशासन के तुगलकी फरमान से क्षुब्ध आक्रोशित पीड़ित कर्मचारियों ने मंगलवार को ‘जनता दर्शन’ में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की मांग की। पीड़ित संविदाकर्मियों का आरोप रहा कि राजनीतिक दुर्भावनावश उन्हें हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे पिछले एक दशक से अधिक समय से अपनी सेवाएं दे रहे थे। इसके बावजूद वर्तमान चेयरमैन ने बिना किसी लिखित सूचना या नोटिस के उन्हें अचानक नौकरी से बाहर कर दिया, जिससे उनके सामने रोज़ी रोटी का संकट आ गया है।

      उन्होंने बताया कि पूर्व में यहाँ करीब 39 कर्मचारी कार्यरत थे, जिनकी संख्या वर्तमान में बढ़कर 63 हो गई है। इसमें भाई-भतीजावाद और फर्जीवाड़ा किया गया। वर्तमान चेयरमैन और मुख्य लिपिक के परिवार के कई सदस्य इस समय नगर पंचायत कार्यालय में बतौर कर्मचारी कागजों पर तैनात हैं। ये लोग बिना ड्यूटी किए ही हर महीने वेतन भी उठा रहे हैं। पीड़ितों ने नपा सादात के सारे क्रिया कलापों से जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए उचित कार्रवाई का आग्रह किया। पत्रक देने वालों में रविन्द्र यादव, अशरफ अली, अमन मौर्या, अर्जुन राम, अभय पाण्डेय, अशोक सिंह आदि लोग शामिल रहे। 

       जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए से उपजिलाधिकारी जखनियां अतुल कुमार और सादात नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) सोनल जैन को इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ उचित और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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