भारतरत्न द्वय मालवीय जी एवं बाजपेई की मनी जयंती

गाजीपुर। मां सरस्वती के वरद पुत्र, मां भारती के सपूत, युग द्रष्टा, प्रखर वक्ता, सामाजिक चेतना व भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पित
भारत रत्न द्वय पंडित मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री पं अटल बिहारी वाजपेई की जयंती जनपद में विभिन्न स्थानों पर विविध गतिविधियों के साथ सम्पन्न हुई।
    भाजपा जिला कार्यालय में जिला प्रभारी डा राकेश त्रिवेदी ने पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेई के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने भाजपा कार्यालय छावनी लाइन के सभागार में पं अटल बिहारी वाजपेई जन्म शताब्दी वर्ष विषयक  प्रदर्शनी का शुभारंभ फीता काट कर किया। प्रदर्शनी मे पं अटल बिहारी वाजपेई के जन्म से लेकर अमर यात्रा तक  के विभिन्न अवसरों तथा उनके साहित्यिक विचारों के प्रमुख अंशों को प्रदर्शित किया गया है। जिसका लोगों ने अवलोकन किया और अटल बिहारी बाजपेई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित किया और उनके चित्र के समक्ष 101 दीप प्रज्वलित कर उनकी 101वीं जयन्ती मनायी। डा राकेश त्रिवेदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई प्रेरणा पुरुष थे जिनका सहज ,सरल, विनम्र व्यवहार भारतीय राजनीति का सर्वोच्च आदर्श रहे। जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश राय, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरोज कुशवाहा, पूर्व जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, प्रो. शोभनाथ यादव, जिला महामंत्री प्रवीण सिंह दयाशंकर पांडेय, विनोद अग्रवाल, अखिलेश सिंह, शशिकांत शर्मा, किरन सिंह , विष्णु प्रताप सिंह, प्रदर्शनी के संयोजक विनीत शर्मा, गर्वजीत सिंह, गोपाल राय,नन्दू कुशवाहा, शनि चौरसिया, सुरेश बिंद, शिवम पांडेय, प्रीति गुप्ता, गोदावरी राजभर, कमलेश प्रकाश सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
      इसी क्रम में पी. जी. कॉलेज मलिकपूरा में  पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मशताब्दी के अवसर पर “राष्ट्रनिर्माण में अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान” विषयक विचारगोष्ठी सम्पन्न हुई। महर्षि विश्वामित्र कल्चर क्लब के तत्वावधान में सम्पन्न कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दिवाकर सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाजपेयी जी को भारतीय राजनीति में वैचारिक दृढ़ता, लोकतांत्रिक मर्यादा और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले राजनेता की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. दिनेश सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक, कूटनीतिक एवं सांस्कृतिक योगदान की विवेचना करते हुए कहा कि अटल जी ने सुशासन, राष्ट्रीय एकता तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सशक्त और विश्वसनीय छवि निर्मित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. शिव प्रताप सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अटल जी की राजनीति सत्ता-केन्द्रित न होकर राष्ट्र और समाज के व्यापक हितों से जुड़ी रही। अटल जी के कार्यकाल में भारत ने अपने पड़ोसी देशों के साथ संवाद, शांति और सहयोग की नीति को प्राथमिकता दी, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी विश्वास को बल मिला।
डॉ. प्रिंस कुमार कसौधन ने अपने वक्तव्य में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी आधुनिक भारत के उन राजनेताओं में थे, जिन्होंने विकास और लोकतंत्र के बीच संतुलन स्थापित किया। उन्होंने कहा कि अटल जी का राष्ट्रनिर्माण का दृष्टिकोण केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों की गहरी समझ निहित थी। इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं का पाठ डॉ. सर्वेश पाण्डेय द्वारा किया गया। कविताओं के माध्यम से अटल जी के कवि-हृदय, मानवीय संवेदना और राष्ट्रप्रेम को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने उनके कवि रूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी काव्य-रचनाएँ राजनीति से परे मानवीय मूल्यों, आत्मसंघर्ष और आशा की सशक्त अभिव्यक्ति हैं। आयोजन में महाविद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ एवं कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
     इसी प्रकार पंडित मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज सिखड़ी में पंडित मदन मोहन मालवीय और पंडित अटल बिहारी वाजपेई की जयंती  सांस्कृतिक कार्यक्रमों संग संपन्न हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता विधान परिषद उत्तर प्रदेश के पूर्व सदस्य केदारनाथ सिंह ने की। मुख्य अतिथि अध्यक्ष तथा उपस्थितियों द्वारा भारत रत्न द्वय मनीषियों के चित्र पर माल्यात्मक एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विद्यालय के छात्राओं ने अपने विविध सांस्कृतिक एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों से शमां बांध दिया। अतिथियों द्वारा पंडित मदन मोहन मालवीय पंडित अटल बिहारी वाजपेई के रशीद में किए गए कार्यों पर चर्चा करते हुए उनसे सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। धन्यवाद ज्ञापन संस्थापक पारस राय कार्यक्रम का संचालन गौरी शंकर पांडेय ने किया।
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