असिस्टेंट कमांडेंट प्रेम शंकर राय वीरता पुरस्कार हेतु चयनित

गाजीपुर। राष्ट्र के प्रति समर्पित बलिदानियों की धरती शेरपुर गांव निवासी अमर शहीद विजय शंकर राय के पुत्र और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में तैनात असिस्टेंट कमांडेंट प्रेम शंकर राय को नक्सल विरोधी अभियान में अदम्य साहस और बहादुरी पर वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है। इस सूचना से उनके गांव सहित पूरे जिले में खुशी की लहर है।


    बताते चलें कि छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 29 मार्च 2025 को सुकमा जिले के थाना केरलापाल क्षेत्र के नेड़ुम-उपमपल्ली के जंगल और पहाड़ी इलाके में सीआरपीएफ, डीआरजी और सिविल पुलिस की संयुक्त टीम ने कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाया था। जहां  सुरक्षा बलों की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। असिस्टेंट कमांडेंट प्रेम शंकर राय के नेतृत्व में सीआरपीएफ 159वीं बटालियन के जवानों ने बहादुरी का परिचय देते हुए, कई घंटे तक चली मुठभेड़ में 17 नक्सलियों को मार गिराया। वहीं मौके से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई थी। इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ के सिपाही मनोज कुमार समेत तीन डीआरजी जवान घायल हो गए थे। उस सफल ऑपरेशन के बाद सीआरपीएफ की 159वीं बटालियन के अधिकारियों और जवानों को वीरता एवं उत्कृष्ट सेवा सम्मान के लिए चुना गया है। असिस्टेंट कमांडेंट प्रेम शंकर राय को व्यक्तिगत वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इससे पहले भी प्रेम शंकर राय को उनकी बहादुरी के लिए महानिदेशक द्वारा प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। 

     उल्लेखनीय है कि प्रेम शंकर राय के पिता अमर शहीद विजय शंकर राय भी सीआरपीएफ में कार्यरत थे। 18 जुलाई 1992 को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवादियों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। देश सेवा में दिए गए सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया था। 

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