धर्म न्याय सेवा और संस्कृति का समन्वय रहा अहिल्या बाई के शासन काल में 

 गाजीपुर। पुण्य श्लोका, लोक माता अहिल्याबाई होल्कर के त्रिशताब्दी जयंती स्मृति महोत्सव के उपलक्ष्य में जखनियां विधानसभा क्षेत्र के बहरियाबाद स्थित मैरेज हॉल में पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मेलन सम्पन्न हुआ।


    समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के वरिष्ठ नेता नंदकिशोर पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रामराज बनवासी सहित काफी संख्या में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।

    उल्लेखनीय है कि पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर भारतीय संस्कृति की एक अद्वितीय और प्रेरणादायी महिला रहीं। उन्होंने भारत के अनेक प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण कराया, जिनमें काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर, त्र्यंबकेश्वर और रामेश्वरम प्रमुख हैं। उन्होंने तीर्थस्थलों पर धर्मशालाएँ, कुएँ, जलकूप, घाट और सरायें भी बनवायीं। इंदौर और मालवा क्षेत्र में जनकल्याणकारी शासन स्थापित किया। उन्होंने महिलाओं, किसानों और गरीबों के हितार्थ कार्य किए और शोषण के विरुद्ध कठोर रुख अपनाया। उन्होंने सिद्ध किया कि नारी शक्ति समाज और शासन दोनों में परिवर्तन ला सकती है। अहिल्याबाई ने विद्वानों, संतों और कवियों को संरक्षण दिया। उन्होंने संस्कृत और धर्मशास्त्र की शिक्षा को प्रोत्साहन दिया और शिक्षालयों की स्थापना करवाई।वे स्वयं धार्मिक और भक्ति मार्ग की अनुयायी थीं और  तुकाराम, नामदेव जैसे संतों  से प्रभावित थीं। अहिल्याबाई होलकर का योगदान भारतीय संस्कृति में अविस्मरणीय है। वे एक ऐसी शासिका थीं जिन्होंने धर्म, न्याय, सेवा और संस्कृति का समन्वय करते हुए एक आदर्श “राजधर्म” का पालन किया। आज भी उन्हें “पुण्यश्लोक अहिल्याबाई” के नाम से श्रद्धा के साथ स्मरण किया जाता है।

   कार्यक्रम के अंत में आयोजक व संचालक डॉ संतोष सिंह यादव ने सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त किया।

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