एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2024 में 118 वर्ष पुरानी भारतीय उर्दू भाषा मतदाता सूची शामिल

एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में हुआ कुँअर मुहम्मद नसीम रज़ा नाम दर्ज

  118 वर्षीय मतदाता सूची दो माह पूर्व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी हो चुकी है दर्ज

ग़ाज़ीपुर। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में स्थित गाजीपुर जनपद भले ही आधुनिकता की दौड़ में  पीछे हो लेकिन अपनी खूबियों के लिए आज भी विश्व विख्यात है। पतित पावनी मां गंगा के निर्मल जल से सिंचित इस धरा के सपूतों ने ज्ञान, विज्ञान, कृषि, आध्यात्म, शिक्षा, राजनीति, सहित विभिन्न क्षेत्रों में जो मुकाम हासिल किया है वह इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज है।

      इसी कड़ी में जिले में एक नया नाम जुड़ गया है। विधानसभा ज़मानियाँ अन्तर्गत ग्राम पंचायत दिलदारनगर स्थित अल दीनदार शम्सी म्यूज़ियम एंड रिसर्च सेंटर के संस्थापक, निदेशक एवं संग्रहकर्ता कुँअर मुहम्मद नसीम रज़ा ने संग्रहालय के लिए पिछले 20 वर्षों से ऐसे कई पांडूलिपियों, दूर्लभ प्राचीन वस्तुओं का संग्रह कर रखा है। इन्हीं में से 118 वर्ष पूर्व का भारतीय उर्दू भाषा मतदाता सूची को राष्ट्रीय धरोहर के रूप मे संरक्षित कर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड-2024 में अपना नाम दर्ज करवाया है।

   एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से शनिवार को कोरियर द्वारा बाक्स सहित सर्टिफिकेट, मेडल, बैज, पेन, गाड़ी स्टीकर प्राप्त हुआ। सर्टिफिकेट पर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, वियतनाम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, नेपाल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रधान संपादक एवं संग्रहालय रेकोर दुनियाँ, इंडोनेशिया के उप निदेशक तथा एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स मलेशिया के अध्यक्ष सहित पांच देशों के उच्च स्तरीय अधिकारीगण के हस्ताक्षर युक्त प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। जिस पर 20 मई 2024 को प्रमाणित दिनांक दर्ज करते हुए 06 जुन 2024 दिनांक को प्रकाशित किया गया है। इस 118 वर्षीय उर्दू भाषा मतदाता सूची दो माह पूर्व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने भी दर्ज किया है।

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