वित्तीय अनियमितता में हेडमास्टर निलम्बित 

गाजीपुर। कंपोजिट विद्यालय मुबारकपुर हरतरा शिक्षा क्षेत्र सादात के प्रधानाध्यापक मु. अशफाक द्वारा मध्याह्न भोजन का कन्वर्जन मनी 24440 रुपए स्वयं आहरित कर वित्तीय अनियमितता पायी जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उसे निलम्बित कर दिया है।

      जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने ग्राम प्रधान की शिकायत पर जांच में वित्तीय अनियमितता का मामला सही पाए जाने पर प्रधानाध्यापक को निलंबित कर उसी विद्यालय से संबद्ध करते हुए देवकली के खंड विकास अधिकारी को मामले की जांच सौंपी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की इस कार्रवाई से मातहद विभागीय कर्मियों में  हड़बड़ी मच गयी है। 

       मामले के अनुसार सादात नगर पंचायत निवासी मु. अशफाक कंपोजिट विद्यालय मुबारकपुर हरतरा में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने करीब ढाई वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान मध्यान्ह भोजन  संचालन हेतु एकल किए गए खाते को आज तक ग्राम प्रधान के साथ संयुक्त खाता नहीं कराया। इस पर ग्राम प्रधान ने वित्तीय अनियमितता किए जाने की शिकायत विभागीय उच्चाधिकारियों से की थी। जांच में शिकायत सही पायी गयी। जांच में पता चला कि मु. अशफाक ने मध्यान्ह भोजन के कनवर्जन मनी की राशि 24440 रुपए का चेक स्वयं आहरित किया था। इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने बीआरसी के निर्देशों के बावजूद खाते को प्रधान के साथ संयुक्त नहीं कराया। उसने रजिस्टर में सितंबर 2021 से जुलाई 2023 तक के प्रत्येक पन्नों पर वाईटनर लगाकर ओवरराइटिंग करके लाभार्थी कालम में गेहूं व चावल की मात्रा में भी कूट रचना किया गया मिला। वह मनमाना रवैया अपनाते हुए उच्चाधिकारियों के निरीक्षण में कभी बिल बाउचर भी नहीं दिखाता था।                   

           उल्लेखनीय है कि पांच छह वर्ष पूर्व भी मु. अशफाक और वहां के ग्राम प्रधान के बीच एमडीएम संचालन को लेकर काफी खींचतान हुई थीऔर वह निलंबित होते होते बचा था। विभाग में इस बात की जोरदार चर्चा है कि उसकी पत्नी जमीला खातून भी सादात के इस्लामिया स्कूल की प्रधानाध्यापिका है। दोनों अच्छी खासी तनख्वाह पाने के बावजूद फिर भी वित्तीय अनियमितता से बाज नहीं आया। 

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