घमासान ! वर्चस्व की लड़ाई में जेल में तड़तड़ाई गोली, दो गैंगस्टर की मौत,एक को पुलिस ने उड़ाया

शातिर अपराधियों के लिए जेल भी आरामगाह बन गया है। जेल में बन्द अपराधियों के पास अग्नास्त्र का होना इसका सबूत है। अग्नास्त्र से चली गोलियों से चित्रकूट जेल दोपहर में दहल उठा।
जेल में बन्द दो गैंगस्टरों के मध्य हुई गोलीबारी में दो गैंगस्टरों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में पश्चिम उत्तर प्रदेश के टॉप मोस्ट क्रिमिनल मेराजुद्दीन और मुकीम उर्फ काला रहे। ये दोनो मुख्तार अंसारी के नजदीकी माने जाते थे। इनको पूर्वांचल के शार्प शूटर सीतापुर के अंशुल दीक्षित ने गोलियों से भुन दिया।
अचानक दिन दहाड़े कारागार गोलियों की आवाज से गुंज उठा। गोली चलने की आवाज सुनकर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना पर जिले के अधिकारियों सहित क ई थानों की फोर्स जेल पर धमक गयी। बाद में पुलिस ने मुठभेड़ में अंशुल को मार गिराया।
घटना के बाद आईजी, कमिश्नर, डीएम, एसपी समेत सारे आला अफसर कई घंटे से जेल के भीतर मौजूद हैं।
डीजी जेल आनन्द कुमार ने घटना की जांच के लिये प्रभारी उप महानिरीक्षक कारागार इलाहाबाद रेंज, पीएन पांडेय को चित्रकूट जेल भेजा।
डीआईजी जेल पीएन पांडेय ने भी बताया कि वर्चस्व की इस भिड़ंत में दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग हुई है। अंशुल दीक्षित नामक बंदी ने फायरिंग कर मेराजुद्दीन और मुकीम उर्फ काला को गोलियों से भुन दिया। इसके उपरांत पुलिस ने जेल के अंदर ही अंशुल को एनकाउंटर में मार गिराया।


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