खेतों की रखवाली कर रहे दो किसानों की बाघ ने ली जान
पीलीभीत, 03 अप्रैल 2020। माला रेंज के रिछौला चौकी से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर आई है। खेतों की रखवाली कर रहे दो किसानों पर हमलाकर बाघ ने उन्हें मौत की नींद सुला दिया। बताया गया कि बीती रात गेहूं के खेत की रखवाली कर रहे माला क्षेत्र के ढेरम मडरिया गांव के दो किसानों पर बाघ ने हमला कर दिया। जिसमें दोनों की मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही गांव में हाहाकार मच गया। घटनास्थल का हृदयविदारक दृश्य देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गये। दोनों किसानों निंदर सिंह उम्र 45 वर्ष व छोटेलाल उम्र 35 वर्ष का शव गेंहू के खेत मे मिले हैं। घटना स्थल का दृश्य अत्यंत भयानक रहा।

एक किसान के शव का सिर धड़ से लगभग 15 मीटर दूर मांस विहीन कपाल के रूप में पड़ा मिला था। इस घटना को मिलाकर पखवाड़े में इसी क्षेत्र में बाघ के हमले में अब तक चार किसान मौत के मुंह में समा चुके हैं।

बताया गया कि कि बाघ करीब पिछले 25 दिनो से लगातार क्षेत्र में चहलकदमी करता रहा था और कई बार लोगों पर हमले भी किये। लोगों की सुचना पर लगातार बाघ को पकड़ने के लिए वनविभाग प्रयासरत रहा परन्तु सफल न हो सका।
इस घटना को लेकर जहां लोग दहशत में हैं,वहीं आक्रोशित भी हैं। उनका कहना है कि वन विभाग की चौकसी, गश्त और तमाम कागजी कार्यवाहियाँ सवालों के घेरे में हैं। सबसे बड़ा सवाल यह कि क्या टाइगर रिज़र्व प्रशासन इंसानी जानों की सुरक्षा को लेकर गम्भीर भी है या नहीं ?
आज इस दुर्घटना के बाद बाघ होने की सूचना पर रोहिलखंड जोन बरेली के चीफ कंजरवेटर ललित वर्मा के नेतृत्व में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के एफडी एच राजा मोहन, डीडी नवीन खंडेलवाल, एसडीओ प्रवीण खरे, वेटरनरी डॉ दक्ष गंगवार, एसके राठौर, सुनील कुमार ने लगभग 3 साल के बाघ को कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेंकुलाइज कर अपनी गिरफ्त में ले लिया। आखिर 25 दिनो की मशक्कत के बाद बाघ अधिकारियों के हाथ लगा। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के एफडी ने बताया कि टाइगर स्वस्थ है। उसका मेडिकल परीक्षण करने के बाद और शासना आदेश उपरांत जंगल या चिड़ियाघर में छोड़ा जाएगा।देखें वीडियो…..
रिपोर्ट – श्रवण यादव
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