वरिष्ठ कवि अनन्तदेव पाण्डेय को दी गयी श्रंद्धाजलि
गाजीपुर। हिन्दी व भोजपुरी के वरिष्ठतम कवि अनन्तदेव पाण्डेय अनन्त के निधन पर साहित्यिक सेवा से जूड़े साहित्यकारों, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों तथा नगरवासियों ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। साहित्य चेतना समाच की बैठक में संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर ने कहा कि ‘गँऊवों गाँव बुझाते नइखे’ जैसी चर्चित रचना के रचनाकार पाण्डेय का निधन गाजीपुर के साहित्यिक जगत की अपूरणीय क्षति है। वे 93 वर्ष की अवस्था में भी पूर्णतया चैतन्य थे। संस्था के प्रति उनका सहयोग व स्नेह भाव बना रहा। गत माह हिन्दी दिवस के अवसर पर उनका एकल काव्य-पाठ व सम्मान कार्यक्रम संस्था ने आयोजित किया था। हिन्दी और भोजपुरी,दोनों भाषाओं में उन्होंने लिखकर इन दोनों भाषाओं के साहित्य को समृद्ध किया है। कवि-गोष्ठियों के साथ ही कवि-सम्मेलनों के मंचों पर भी वे खूब सुने जाते थे। उनके जाने से गाजीपुर का साहित्यप्रेमी मर्माहत है। उन्होंने अपनी रचनाधर्मिता के माध्यम से भाषा, लोकजीवन, समाज और संस्कृति को स्वर दिया। विशेष रूप से भोजपुरी जैसी लोकभाषा की समृद्ध परम्परा को साहित्य के माध्यम से आगे बढ़ाने में उनका योगदान सदैव स्मरण किया जायेगा। उनकी रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों को हमारी मिट्टी, हमारी लोक-संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं से जोड़ती रहेंगी।
शोक सभा में संस्था के अध्यक्ष डाॅ.रविनन्दन वर्मा, संजीव कुमार गुप्त, हीरा राम गुप्ता, प्रभाकर त्रिपाठी, राजीव मिश्र, आनन्द प्रकाश अग्रवाल, शशिकांत राय आदि उपस्थित रहे।
Views: 3









