अनुदान के लिए आलू कृषक करायें पंजीकरण 

गाजीपुर। प्रदेश सरकार द्वारा आलू उत्पादक किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने तथा बाजार में आलू के दामों में होने वाली गिरावट से बचाने के लिए ‘‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष‘‘ की शुरूआत की गयी है। इसके लिए जिला उद्यान विभाग द्वारा ऑनलाईन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू है।       


           जिला उद्यान अधिकारी, आशीष कुमार ने बताया कि इस कोष का मुख्य उद्देश्य आलू किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना है। उन्होंने बताया कि योजना के अन्तर्गत किसानों को दिये जाने वाले लाभों में बाजार भाव गिरने पर अनुदान के तहत यदि बाजार में आलू की कीमतें अत्यधिक गिरती है, तो किसानों को निर्धारित लागत के 25 प्रतिशत या उत्पादन लागत व विक्री मूल्य के अन्तर में से जो भी कम होगा, उतना अनुदान की प्रतिपूर्ति की जायेगी। यह लाभ प्रति किसान दो हेक्टेयर क्षेत्रफल और प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 कुन्तल उत्पादन तक ही सीमित होगा। इसी प्रकार कोल्ड स्टोरेज भाड़ा सहायता में निजी शीतगृहों में (कोल्ड स्टोरेज) में आलू भण्डारित करने वाले जनपद के किसानों को 100 रुपया प्रतिकुन्तल की दर से भण्डारण शुल्क अनुदान दिया जायेगा। इसके तहत एक किसान को अधिकतम बीस हजार रुपए तक की वित्तीय सहायता मिल सकेगी। 

            योजना के तहत मिलने वाली सभी अनुदान और सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी किसानों के बैंक खाते में भेजी जायेगी। इच्छुक आलू उत्पादक किसान योजना का लाभ लेने के लिए उद्यान विभाग के अधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पोटैटो डाट यूपी हार्टिकल्चर डाट इन (potato.uphorticulture.in) पर अपना पंजीकरण सुनिश्चित कराएं।  

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