दुर्व्यवस्थाओं की गिरफ्त में है प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र
वर्षों से है चिकित्सक विहीन और पानी भी नहीं है उपलब्धता
गाजीपुर। ग्रामीण जनता को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से लाखों रुपए खर्च कर बनाया गया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मलिकपुरा छपरी आज अपने दुर्दिन पर आंसू बहा रहा है।
चिकित्सक के अभाव और दुर्व्यवस्था से भरा यह अस्पताल आज मात्र दिखावे की वस्तु बन कर रह गया है क्योंकि नर्स, फार्मासिस्ट, एलटी और वार्ड ब्वाय भले ही यहां मिलते हैं लेकिन चिकित्सक के अभाव में मरीज यहां आने से कतराते हैं। शासनिक व प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार यह सरकारी अस्पताल स्वयं बिमारियों के घेरे में है। परिसर की चहारदीवारी जगह जगह से टूटकर गायब हो गयी है जहां से छुट्टा अवारा पशु और अवांछनीय तत्व बेखौफ विचरण करते हैं। परिसर में बने भवन देखरेख के अभाव में जर्जर अवस्था में हैं। दूसरों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाला यह अस्पताल स्वयं संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। सफाईकर्मी व स्वीपर न होने से पूरे परिसर में गंदगी और उगी झाड़ियां में फैले कीट पतंगों और मच्छरों के कारण यहां रहना दूभर है। अस्पताल के मुख्य भवन में लगा बिजली का पंखा स्वयं टूटकर गिर गया और छत से बरसात में गिरते पानी से वहां रहना भी मुश्किल है। परिसर में बनी पानी की टंकी को कभी पानी नसीब नहीं होता और कर्मचारियों व जनता को पानी के लिए अत्र तत्र भटकना पड़ता है। पानी की उपलव्धता के लिए इस अस्पताल को एक अदद हैण्ड पम्प की दरकार है।
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