कवि सम्मेलन में लगे ठहाके …… 

गाजीपुर। साहित्य चेतना समाज के तत्वावधान में जंगीपुर स्थित राजेश वर्मा के आवास पर आयोजित कवि-सम्मेलन में अपने कविता पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।


        सोमवार की देर रात तक चले कवि-सम्मेलन की अध्यक्षता आचार्य शरद शर्मा एवं संचालन विद्युत प्रकाश ने किया। पूर्व ब्लाक प्रमुख सुभाष गुप्ता के मुख्य आतिथ्य में 

कार्यक्रम का शुभारंभ संजय पाण्डेय की सरस्वती वंदना से हुआ।

         इसके बाद युवा शायर गोपाल गौरव ने ‘भूख की प्यास की मत कहानी लिखो/अब वतन को तुम अपनी जवानी लिखो’ सुनाकर देश भक्ति की भावना का संचार किया तो हण्टर गाजीपुरी ने ‘इश्क है,हुस्न है,जवानी है/सारा बाजार पानी पानी है’ सुनाकर श्रोताओं को आनन्दित किया। वरिष्ठ शायर कुमार नागेश ने ‘जब चराग में रौशनी का जलवा आया है/सिमट के उसके तलवे में अन्धेरा आया है’ सुनाया तो बादशाह राही ने ‘आवाज आ रही है यही हर मकान से/ महंगाई बात करने लगी आसमान से’ सुनाकर बढ़ रही महंगाई की ओर ध्यान आकृष्ट कराया।व्यंग्यकार आशुतोष श्रीवास्तव ने ‘बहुत ईमानदारी से वे बेईमानी का काम करते हैं/ रिश्वत दी हो जिसने,पहले उसका काम करते हैं’ सुनाकर बढ़ रहे भ्रष्टाचार पर करारा व्यंग्य किया। कवि सुदर्शन कुशवाहा चिराग ने ‘सारी दुनिया खफा नहीं होती, जिन्दगी बेवफा नहीं होती/ प्यार की बात क्या करूं यारो,इससे बढ़कर सजा नहीं होती’ सुनाकर श्रोताओं की ढेर सारी वाहवाही लूटी। 

            नसाहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर ने ‘आ गया आज फिर स्वतन्त्रता दिवस का पावन पर्व/होने लगा हमें अपनी उपलब्धियों पर गर्व’ सुनाकर देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले शहीदों को नमन किया। इसके अतिरिक्त डाॅ.शशांक शेखर पाण्डेय,मनोज यादव बेफ्रिक,दिनेश चन्द्र शर्मा, डाॅ.अरविन्द शाह ने भी काव्य-पाठ कर श्रोताओं को प्रभावित किया।

          कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रभाकर त्रिपाठी, लालजी गुप्ता, अजय तिवारी, गंगा विशुन यादव, अर्जुन सेठ, उमेश वर्मा, राजेश गुप्ता, रामजी वर्मा, गणेश जायसवाल, राजेश वर्मा, मनीष गुप्ता आदि उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन राजेश वर्मा ने किया।

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