खुलासा ! सर्राफा हत्याकांड के दो लूटेरे चढ़े पुलिस के राडार पर

गाजीपुर (उत्तर प्रदेश), 04 नवम्बर 2018। देर आये पर दुरुस्त आये की कहावत को चरितार्थ करते हुए शहर के बहुचर्चित सराफा व्यवसायी सुशील वर्मा हत्याकांड से पुलिस ने आज पर्दा उठा दिया। शहर के माल गोदाम रोड पर स्वर्ण व्यवसाई सुशील वर्मा की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो अभियुक्तों अभिषेक उर्फ बंटी राम पुत्र बंसराज निवासी सरसौता थाना बहरियाबाद तथा शशि भूषण सिंह पुत्र धीरेंद्र सिंह निवासी बुढानपुर थाना भूड़कूड़ा गाजीपुर को मय असलहा व अन्य सामानों संग गिरफ्तार कर लिया। दो लुटेरों के गिरफ्त में आने के बाद यह राज खुला कि उस घटना को अंतरजनपदीय गैंग ने अंजाम दिया था। पुलिस अधीक्षक डॉ.यशवीर सिंह ने आज शाम पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए उन्हें मीडिया के सामने उन्हें पेश किया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शहर कोतवाल ब्रजेश यादव तथा क्राइम ब्रांच इंचार्ज राजीव कुमार सिंह अपनी टीम के साथ जमानियां मोड़ पर थे ,तभी तिरा मुखबिर से सूचना मिली कि दो बाइक से कुछ कुख्यात लुटेरे जंगीपुर से शहर में आने वाले हैं। मुखबीर की सूचना पर संयुक्त पुलिस टीम बिलैचिया तिराहा पर घेरेबंदी कर उनका इंतजार करने लगी। कुछ समय बाद दो बाइक आती दिखीं तो पुलिस टीम चौकन्ना हो गयी । करीब आने पर जब बाइक चालकों की नजर पुलिस टीम पर पड़ी तो वह बाइक घुमाकर भागे ,पर जल्दी करने से एक बाइक पलट गई। तभी उस बाइक पर चालक के पीछे बैठे शशिभूषण सिंह ने तमंचे से पुलिस बल पर फायर कर दिया। अपने को बचाते हुए पुलिस टीम ने दोनों अपनी गिरफ्त में ले लिया, जबकि दूसरी बाइक सवार तीन बदमाश भागने में सफल रहे। गिरफ्त में आए बदमाशों के कब्जे से मय कारतूस दो तमंचे, साढ़े 11 हजार रुपये नकद, लूट का मोबाइल फोन तथा पेनकार्ड सहित छह अदद ब्रांडेड कपड़े और चोरी की बाइक बरामद की गयी। दूसरी बाइक से फरार तीन लुटेरों में गैंग का सरगना ओमप्रकाश बिंद उर्फ बक्सी शहर कोतवाली के गोंड़ा देहाती का रहने वाला है जबकी एक आशीष पासी नदंगंज थाने के सिहोरी और आशीष यादव आजमगढ़ जिले के तरवां थाने के कंचनपुर का निवासी है। वह बाइक शहर कोतवाली के ही फुल्लनपुर इलाके से करीब 20 दिन पहले चुराई गई थी। गिरफ्तार अभियुक्त अभिषेक उर्फ बंटी राम ने बताया कि दो माह पहले वह खुद और गैंग का सरगना ओमप्रकाश बिंद उर्फ बक्सी सहित आशीष यादव व आशीष पासी जेल से जमानत पर रिहा हुए थे।मैं ओम प्रकाश बिंद उर्फ बख्शी, आशीष यादव ,आशीष पासी तथा अजीत कौआ जिला कारागार गाजीपुर में एक ही बैरक में बंद थे। जमानत के लिए वकील की फीस के लिए हम लोगों ने तय किया कि किसी अच्छे व्यापारी को लूटा जाए ताकि खर्च की भरपाई हो सके। जेल से निकलने के बाद उन्हें पता चला कि नवाबगंज निवासी सराफा व्यवसायी प्रति दिन रात में सिटी स्टेशन-बड़ीबाग स्थित अपनी दुकान बंद कर घर मरटीनगंज लौटता है और उसके पास कीमती जेवरों के अलावा काफी नकदी भी रहती है। इस जानकारी के बाद सुशील वर्मा को लूटने की योजना बनी। प्लान के मुताबिक बीते 21 सितंबर की रात करीब नौ बजे सुशील वर्मा की टैक्सी स्टैंड के पास स्थित शराब की दुकान पर गैंग सरगना ओमप्रकाश बिंद उर्फ बक्सी ने गोली मार कर हत्या कर दी और उनके पास का बैग लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वह सभी सिटी स्टेशन के रास्ते भाग निकले। कुछ दूर जाने के बाद वह रुके और लूट के बैग को खोले। उसमें दुकान तथा तिजोरी की चाबी के अलावा कुछ टूटे जेवर थे, पर नकदी नहीं थी। गैंग सरगना ने उस बैग अपने पास रख लिया। उसके बाद गैंग 23 अक्टूबर को सादात थाने के ससना नहर के पास पशु व्यापारी को रोक कर उसके 72 हजार रुपये नकद तथा मोबाइल फोन लूटा ,फिर 26 अक्टूबर को आजमगढ़ के जहानागंज थाने के जिगरखंडी गांव के पास बैंक मित्र से 89 हजार रुपये लूटा था। 27 अक्टूबर को दुल्लहपुर थाने के बहलोलपुर गांव के पास मऊ में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी का साढ़े नौ हजार रुपये लूटे थे। गिरफ्तार अभियुक्त अभिषेक उर्फ बंटी राम पर वाराणसी, गाजीपुर तथा आजमगढ़ में विभिन्न धाराओं में 14 मुकदमे तो शशि भूषण सिंह पर गाजीपुर, आजमगढ़ में 6 मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक गाजीपुर द्वारा उत्साहवर्धन हेतु दस हजार रुपये नगद पुरस्कार की घोषणा की गई।


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