दर्दनाक ! अमृतसर रेल हादसा

अमृतसर,20 अक्टुबर 2018। जोड़ा रेलवे क्रासिंग फाटक के समीप कल संध्या तकरीबन सात बजे रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रावणदहन देख रहे लोगों को रौंदते हुए जालंधर से अमृतसर को आ रही डीएमयू ट्रेन हादसे में मृतकों की संख्या साठ तक पहुंच गयी है। घायलों की संख्या सौ के पार है जिसमें चालीस लोगों की हालत गम्भीर है। चिकित्सकों के दल घायलों के बेहतरीन इलाज में जी जान से लगे हुए हैं।
दुर्घटना का मंजर देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गये। रेलवे ट्रैक पर करीब डेढ़ सौ मीटर तक जूते, चप्पल,फटे कपड़े,मांस के लोथड़े, शरीर के कटे अंग, हाथ,पैर तितर बितर बिखरे पड़े थे। इंजन पर मांस और खुन के छिंटे फैले पड़े थे। सदर अस्पताल में अब भी अफरातफरी मची है। अस्पताल क्षत विक्षत शवों, घायलों तथा परिजनों की चीख पुकार से भरा पड़ा है। अभी भी काफी लोग गुमशुदा है जिनकी खोज में परिवार के लोग भागम भाग करते रहे। इस दुर्घटना में वहां रावण का किरदार निभाने वाले दलवीर सिंह की भी मौत हो गयी जो रावणदहन देखने खुद भी रेलवे लाइन पर आ गये थे।
मानवीय गलती से हुई इस दुर्घटना को लेकर आयोजक,जिला प्रशासन,स्थानीय कारपोरेशन तथा रेल प्रशासन पर लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। कहा गया कि छोटे स्थान पर इतना बड़ा आयोजन क्यों किया गया और उसके लिए प्रशासन ने कैसे अनुमति दी ? प्रशासन का कहना है कि उससे इस समारोह के लिए अनुमति नहीं ली गयी थी। इतना ही नहीं बल्कि आयोजन में एक एलईडी का बड़ा स्क्रीन रेलवे की तरफ को लगाया गया था और उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ रेलवे ट्रैक पर बढ़ गयी। लोगों को रेलवे ट्रैक से हटाने की कोई कोशिश आयोजकों या स्थानीय प्रशासन द्वारा नहीं की गयी। जलते रावण के पुतले में आग लगते ही आतिशबाजी और पड़ाकों की तेज आवाज के खुशनुमा माहौल में लोग रेल की आवाज नहीं सुन सके और हादसे की भेंट चढ़ गए।
अर्धरात्रि में वहां पहुंचे रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने इसमें रेलवे की चूक से किया इंकार, कहा कि रेलवे को इस आयोजन की कोई जानकारी नहीं दी गयी थी। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सहित केन्द्रीय मंत्रीगण सहित राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस हृदयविदारक घटना पर दुख व्यक्त करते हुए इसपर राजनीति न करने की सलाह दी परन्तु फिर भी लोग इसके लिए एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। बचाव व राहत कार्य जारी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आज दोपहर तक यहां पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रदेश सरकार ने दुर्घटना में मृतकों को पांच लाख रुपये तथा केंद्र सरकार ने दो लाख रुपये के मुआवजे की तथा घायलों को पचास हजार रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है। सरकार ने इस घटना के जांच के आदेश जारी किये हैं। घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है।


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