आधार कार्ड !अब हर जगह आवश्यक नहीं ,मोबाइल सिम व बैंक अकाउंट के लिए नहीं है जरूरी
नई दिल्ली, 26 सितंबर 2018 । आज आधार कार्ड के अपने महत्वपूर्ण फैसले में उच्चतम न्यायालय ने आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए कहा कि आधार कार्ड गरीबों की ताकत का जरिया बना है, इसमें डुप्लीकेसी की संभावना नहीं है। आधार कार्ड पर हमला करना लोगों के अधिकारों पर हमला करने के समान है। आधार की संवैधानिक मान्यता पर जस्टिस सीकरी ने कहा- आधार समाज के छोटे तबकों को सशक्त बनाया है और उन्हें पहचान दी है।
इस मामले में फैसला सुनाने वाले में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ में जस्टिस ए.के. सिकरी, ए.एम. खानविलकर, डी.वाई. चंद्रचूड़ और अशोक भूषण शामिल रहे। इससे पूर्व शीर्ष कोर्ट ने इस साल मई में ‘आधार’ और इससे जुड़ी 2016 के कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 38 दिन तक चली सुनवाई के बाद 10 मई को बेंच ने फैसला सुरक्षित रखा था।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार बैंक अकाउंट और मोबाइल सिम के लिए जरूरी नहीं है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पैन के लिए आधार की अनिवार्यता को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने अब यह तय कर दिया है कि आधार कार्ड की अनिवार्यता कहां कहां होगी और कहां यह आवश्यक नहीं होगा।
Views: 8









