5 जी ! नयी दूरसंचार नीति को मिली मंत्रिमंडल की स्वीकृति

नयी दिल्ली, 26 सितंबर 2018। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज नयी दूरसंचार नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति को राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति , 2018 के नाम से जाना जायेगा। प्रस्तावित नयी दूरसंचार नीति में सभी को 50 मेगाबिट प्रति सेकेंड की गति वाले ब्रॉडबैंड की पहुंच उपलब्ध कराने, 5जी सेवाओं तथा 2022 तक 40 लाख नए रोजगार के अवसरों के सृजन का प्रावधान है। संचार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार मनोज सिन्हा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर संचार प्रणालियों में तेजी से प्रगति हो रही है। 5जी, इंटरनेट आफ थिंग्स और मशीन टु मशीन संचार आदि क्षेत्रों में यह प्रगति विशेष रुप से तेज है। नीति के मसौदे के तहत द्रुत गति की ब्रॉडबैंड पहुंच बढ़ाने, 5 जी और आप्टिकल फाइबर जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकी के उचित मूल्य में इस्तेमाल पर केंद्रित है। एनडीसीपी 2018 के कुछ उद्देश्यों में सभी को ब्रॉडबैंक तक पहुंच उपलब्ध कराना, 40 लाख नए रोजगार के अवसरों का सृजन तथा वैश्विक आईसीटी इंडेक्स में भारत की रैंकिंग सुधारकर उसे 50 स्थान पर लाना शामिल है।
मनोज सिन्हा ने उम्मीद जताई कि इस क्षेत्र में 100 अरब डॉलर का निवेश होगा और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में दूरसंचार क्षेत्र का हिस्सा वर्तमान के छह प्रतिशत से बढ़कर आठ प्रतिशत पर पहुंच जायेगा । उन्होंने कहा कि इसमें डिजिटल संचार तक सतत और कम मूल्य में पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ‘स्पेक्ट्रम के महत्तम मूल्य’ के प्रावधान को शामिल किया गया है।


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