दहशत ! बाघ के बदले फंसा तेंदुआ

पीलीभीत, 19 सितम्बर 2018। माधौटाडा क्षेत्र के तराई बाहुल्य इलाको में बाघ की दहशत से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। बाघ को पकड़ने के लिये लगाये गये पिंजरे में चौकन्ना बाघ तो नही फंसा पर एक तेंदुआ पिंजरे मे कैद हो गया। बाघ को पकङने के लिए टाईगर रिजर्व की टीम कई दिनों से प्रयास में लगी है, परंतु बाघ अबतक पकड़ से बाहर है। बताया गया है कि बराही रेन्ज के अर्न्तगत दर्जनों ऐसे गांव हैं जहॉ अक्सर बाघ या जंगली जानवर गांवो में घुसकर इंसान या उनके पालतू मवेशियो पर हमला करते रहते हैं। बीते कई दिनो से यहॉ के महाराजपुर, वीर खेड़ा गांवो में बाघ की दहशत बनी हुयी थी जिसके मद्देनजर पीलीभीत टाईगर रिजर्व की टीम बाघ को पकडने के लिये एक पिजंरा लगाया है, पर गन्ने के खेतों में छिपे होने की वजह से बाघ की लोकेशन का पता करना वन विभाग के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। लोगों में बाघ को लेकर दहशत बढ़ती जा रही है। यहॉ के नौजल्हा में पिछले दो माह से एक बाघ ने आतंक मचा रखा है। लोगों के घरों में आकर पालतू छोटे मवेशियों को अपने मुॅह का निवाला बनाने की घटनाएं आम हो गई है। महाराजपुर में भी अचानक बाघ के आबादी में आकर बैल को निवाला बनाने की घटना को लेकर लोगों में दहशत बनी हुयी है। वनाधिकारियों ने बाघ को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगवाया। डीडी टाईगर रिजर्व आदर्श कुमार, रेंजर, डिप्टी रेंजर आदि कर्मचारियों के साथ बाघ को कैद करने के लिए गांव में डेरा जमाए रहे, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका। वनकर्मी पिंजरे के पास तक बाघ के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन वह आया ही नहीं। बाघ को कैद करने के लिए लगाए गए कैमरे में बाघ तो नहीं आ सका, लेकिन एक तेंदुआ जरूर कैद हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि अगर टीम को जल्द सफलता नहीं मिली तो बाघ और भी हमलावर हो सकता है। इसी प्रकार वीर खेड़ा कॉलोनी के अंदर घुसकर तेंदुआ ने एक पालतू कुत्ते को अपना निवाला बना दिया। मौके पर पहुंचे वन विभाग के दरोगा मोहित सिंह ने मौके पर मुआयना करते हुए स्वयं सुरक्षा करने की बात कही जिसे लेकर ग्रामवासियों में भारी आक्रोश रहा।
रिपोर्ट – श्रवण कुमार यादव


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