उन्नत खेती हेतु खेत की मिट्टी की जांच आवश्यक
मोटे अनाज के प्रयोग से बढ़ती है इम्यूनिटी
गाजीपुर। यूनियन ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान में कृषि एवं पशुपालन का प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं को डॉ सुजीत कुमार के निर्देशन में स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र में विजिट कराया गया।
मृदा वैज्ञानिक डॉ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि उन्नत खेती के लिए किसानों सबसे पहले अपने खेत की मिट्टी की जांच करानी चाहिए, बीज को शोधित करके लगाना चाहिए, समय समय पर सिंचाई करनी चाहिए, रासायनिक खाद का प्रयोग न कर, खुद के द्वारा तैयार की गई वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग करना चाहिए।
डॉ सुजीत कुमार ने बताया कि कृषि के साथ पशुपालन, मछली पालन, मुर्गी पालन, भेड़ पालन, करके अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज किसान मोटे अनाज को उगाना छोड़ दिया है, हम सभी को पुनः मोटे अनाजों का उत्पादन करना चाहिए जिसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता है। डॉ प्रमोद सिंह ने बीज के साफ सफाई करने वाली मशीन के साथ साथ सभी कृषि उपयोगी यंत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी और अजोला की यूनिट दिखाया और बताया कि अजोला नाइट्रोजन की कमी को दूर करता है। प्रशिक्षुओ को सम्बोधित करते हुए डॉ धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि आप लोगों को जब भी कुछ सीखना हो किसी जानकारी की जरूरत हो तो संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम में संस्थान के संकाय मुकेश श्रीवास्तव, कार्यालय सहायिका शिवांगी मौर्य, मनीष श्रीवास्तव राधारानी उपाध्याय सहित संस्थान के समस्त कर्मचारी एवं धर्मेंद्र, दीपक, शैलेश, अखिलेश, अंकित, भानु, हेमंत, अजीत यादव और समस्त प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
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