आचार्य महेन्द्र शास्त्री पुरस्कार से नवाजे गये साहित्यकार सुनील कुमार पाठक
पटना। अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के 28वें अमनौर (सारण) अधिवेशन में साहित्यकार सम्मान सत्र के तीन दिवसीय समारोह में भोजपुरी एवं हिन्दी के प्रतिष्ठित वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ.सुनील कुमार पाठक को ‘आचार्य महेन्द्र शास्त्री पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि गत 28 से 30 नवम्बर 2025 तक चले समारोह में डाॅ.सुनील कुमार पाठक को यह पुरस्कार उनकी भोजपुरी आलोचना पुस्तक ‘पढ़त-लिखत ‘ के लिए राज्य के कला-संस्कृति और युवा विभाग तथा पर्यटन विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद द्वारा प्रदान किया गया।
बताते चलें कि डॉ. पाठक ने भोजपुरी में पुस्तक ‘पढ़त-लिखत ‘ के अतिरिक्त दूसरी पुस्तक ‘भोजपुरी कविता :रुचि और रचाव ‘भी इस वर्ष लिखी है जो विद्वान, साहित्यिकारों और पाठकों में काफी चर्चित है।इसी क्रम में ‘छवि और छाप-राष्ट्रीयता के आलोक में भोजपुरी कविता का पाठ’ भी भोजपुरी अकादमी से प्रकाशित उनकी महत्वपूर्ण पुस्तक है। डाॅ.पाठक की एन बी टी ,सर्वभाषा प्रकाशन, भोजपुरी प्रकाशन आदि से कई भोजपुरी- हिन्दी पुस्तकें प्रकाशित हैं। डॉ.पाठक को भोजपुरी कविता में हाइकु विधा की शुरुआत करने वाले कवि के रुप में जाना जाता है।
भोजपुरी साहित्य में चमक रहे डा. पाठक की इस उपलब्धि पर डॉ. महामाया प्रसाद विनोद, डाॅ.ब्रजभूषण मिश्र, जितेन्द्र कुमार, भगवती प्रसाद द्विवेदी, डॉ.संतोष पटेल, सुनील कुमार तंग, डॉ.आद्या प्रसाद द्विवेदी, डाॅ.सुभाष चंद्र यादव सहित अनेक भोजपुरी और हिन्दी साहित्यकारों ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
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