परमात्मा की प्राप्ति ही मानव जीवन का मूल उद्देश्य
धर्म की स्थापना हेतु अवतार लेते हैं ईश्वर
गाजीपुर। सादात क्षेत्र के सलेमपुर बघाई गांव में मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित सात दिवसीय ‘श्रीमद्भागवत सद्भावना सत्संग ज्ञानयज्ञ’ के चौथे दिन आध्यात्मिक माहौल बना रहा।
प्रयागराज से आए मुख्य वक्ता महात्मा सारथानंद ने कहा कि मानव जीवन का मूल उद्देश्य परमात्मा की प्राप्ति है। जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब भगवान धर्म की स्थापना हेतु अवतार लेते हैं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग के साथ श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से उत्सव मनाया।
वाराणसी से आईं महात्मा सुजाता बाई ने संत समागम को दुर्लभ बताते हुए कहा कि संतों का संग और हरि कथा सुनना ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव होता है। कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से आए संतों ने भी प्रवचन देकर भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
डॉ. संतोष कुमार यादव के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग, श्रद्धालु एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
उल्लेखनीय है कि 25 अप्रैल को अपरान्ह 3 बजे से वहां सद्भावना सम्मेलन में मुख्य वक्ता विभु जी महाराज श्रद्धालु भक्तों को सम्बोधित करेंगे।
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