आरोप- एएनएम की ग़लती से गयी नवजात की जान
गाजीपुर। विकास खण्ड मनिहारी क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिखड़ी में तैनात एएनएम की लापरवाही के चलते जहां नवजात शिशु की मौत हो गयी, वहीं प्रसूता को ले जाकरआईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। बताया गया कि बिरनो थाना क्षेत्र के घनश्यामपुर चकदाऊद निवासिनी देवरान जेठान खुशबू चौहान पत्नी संदीप चौहान और प्रीति चौहान पत्नी अच्छेलाल चौहान को प्रसव कराने के लिए 21 सितंबर को ग्यारह बजे दिन में प्राथमिक स्वास्थ्य सिखड़ी पर लाया गया। वहां एएनएम कंचन देवी ने प्रसूताओं को भर्ती कर बोतल और इंजेक्शन लगाया और रात बारह बजे तक प्रसल की उम्मीद जताई। रात करीब दस बजे प्रसूता खुशबू चौहान पत्नी संदीप चौहान की डिलीवरी के दौरान ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद रक्तस्राव बंद न होने से एएनएम घबराने लगी और मरीजों को अन्य हॉस्पिटल पर ले जाने की सलाह देने लगी। स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए परिजन आनन -फानन में दोनों प्रसूताओं को फातिमा हॉस्पिटल मऊ ले गए। जांच के बाद फातिमा हॉस्पिटल के चिकित्सक ने खुशबू के नवजात शिशु को मां के पेट में ही मृत बताया। इसके बाद परिजनों की रजामंदी पर तत्काल खुशबू की जान बचाने हेतु चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर मृत नवजात बच्ची का शव बाहर निकाला। दोनों प्रसूता को आईसीयू में भर्ती कर दिया। प्रसूता खुशबू चौहान के पति संदीप चौहान अपने नवजात बच्ची का शव लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिखड़ी पहुंचे और एएनएम कंचन देवी पर गंभीर आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। वहां धीरे-धीरे ग्रामीणों की संख्या बढ़ती गई। घटना की सूचना मिलते ही नोडल अधिकारी डा. शिशिर शैलेश मौके पर पहुंचकर एएनएम की तरफदारी करने लगे तो वहां मौजूद ग्रामीण भड़क गए और फिर मुख्य सड़क पर आकर सड़क जाम कर दिया।
इस संबंध में नोडल अधिकारी डॉ शिशिर शैलेश ने बताया कि पीड़ित का आवेदन लेने के बाद एएनएम सेंटर को बंद किया गया है और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। थानाध्यक्ष दुल्लहपुर कृष्णप्रताप सिंह ने कहा कि पीड़ित पक्ष का तहरीर मिला है पंचनामा करने के बाद नवजात शिशु का शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। जांच के बाद विधिक कार्यवाही की जायेगी।
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