नवाचारी मूल्यांकन से होगी विद्यार्थियों की विभिन्न क्षमताओं की पहचान 

गाजीपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सैदपुर में जनपद स्तरीय एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन प्राचार्य उपशिक्षा निदेशक उदयभान की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। 


        कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी के प्रो. विशाखा शुक्ला एवं डीसीएसके पीजी कॉलेज मऊ के शिक्षाशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ विकास कुमार जायसवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में शिक्षण अधिगम एवं मूल्यांकन में नवाचार विषय वस्तु पर प्रकाश डाला। प्रो विशाखा शुक्ला ने बताया, “नवाचारी मूल्यांकन से शिक्षकों को विद्यार्थियों के प्रदर्शन को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। यह शिक्षा प्रक्रिया में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है।” डॉ विशाल जायसवाल ने कहा, “नवाचारी मूल्यांकन से हम विद्यार्थियों की विभिन्न क्षमताओं को पहचान सकेंगे और उन्हें उनकी स्थिति के अनुसार बेहतर तरीके से मार्गदर्शन कर सकेंगे।” अन्य वक्ताओं ने इस सेनिनार ने शिक्षा में नए दृष्टिकोण की ओर कदम बढ़ाते हुए शिक्षकों और शिक्षार्थियों के बीच संबंधों को मजबूत करने का संदेश दिया।

      सेमिनार का समन्वय डॉ सर्वेश राय एवम नवल गुप्ता ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता प्रभुराम चौहान राजीव पाठक ,बृजेश कुमार, आलोक कुमार, आलोक तिवारी, निधि , डॉ शाजिया, डॉ मंजर कमाल, सुमन तिवारी तथा डीएलएड  प्रशिक्षु सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। संचालन हरिओम प्रताप यादव ने किया।

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