सम्पूर्ण समन्वित ग्राम्य विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार को बढ़ाना आवश्यक

 गाजीपुर। पी०जी० कालेज गाजीपुर में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।

       संगोष्ठी मे कला संकाय के भूगोल विभाग की शोधार्थिनी कुमारी आकांक्षा ने अपने शोध प्रबंध शीर्षक “जौनपुर जनपद में जनसंख्या और ग्रामीण विकास – एक भौगोलिक अध्ययन” नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि जौनपुर का ऐतिहासिक महत्व अतिप्राचीन काल से रहा है। इस ग्रामीण जनसंख्या बहुल क्षेत्र में आजीविका का मुख्य साधन कृषि है। अतः कृषि विकास के बिना इस जनपद का विकास नहीं किया जा सकता है। 

      जनपद जौनपुर में  स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार का अभाव है। इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यह एक पिछड़ा क्षेत्र है। यहाँ बड़े उद्योगों का विकास नहीं हुआ है। यहां का समग्र ग्राम्य विकास स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार को विकसित करना जरूरी है। यहां समग्र ग्राम्य विकास हेतु कृषि, औद्योगिक, सामाजिक, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ा करके ही गाँवों को समृद्ध, कुशल एवं आदर्श गाँवों के रूप विकसित किया जा सकता है। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थिनी ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। 

          इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह, मुख्य नियंता प्रोफेसर (डॉ०) एस० डी० सिंह परिहार, शोध निर्देशक  डॉ० बासुदेव राम भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० सुनील कुमार शाही, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सदस्य प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० के०के० पटेल, डॉ० रुचिमुर्ति सिंह, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० मनोज कुमार मिश्र, डॉ० अतुल कुमार सिंह एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे। अंत में शोध निर्देशक डॉ० बासुदेव राम ने  सभी का आभार व्यक्त किया, संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह ने किया।

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