राक्षसों के नाश का संकल्प लेने वाले महर्षि विश्वामित्र की धरती है गाजीपुर – मुख्यमंत्री

शिक्षा की अलख जगाने वाले महापुरुष बाबू राजेश्वर सिंह की प्रतिमा का अनावरण सौभाग्य की बात


गाजीपुर। गाजीपुर के गौरवशाली इतिहास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राक्षसों के नाश का संकल्प लेने वाले महर्षि विश्वामित्र की यह धरती है, जिन्होंने राक्षसों का नाश करने के लिए सतत प्रयास किया। ब्रह्मर्षि विश्वामित्र ने आर्यावर्त के दो विशाल साम्राज्य को एक करने की भूमिका निभाई थी। अयोध्या और जनकपुर का साम्राज्य एक दूसरे से काफी दूर था और सीता स्वयंवर में अयोध्या को निमंत्रण भी नहीं गया था परन्तु गाजीपुर की धरा से महर्षि विश्वामित्र अयोध्या के राजकुमार राम और लक्ष्मण को अपने साथ जनकपुर ले गए जहां रामचंद्र द्वारा धनुष तोड़ने के उपरांत सीता से विवाह हुआ और आर्यावर्त की दो महान विभूतियां एक हो सकीं। गाजीपुर की धरा ने आर्यावर्त की रक्षा के लिए दो ताकतों को एक करने का भी कार्य किया है।

उक्त उद्गार स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के संस्थापक स्वर्गीय बाबू राजेश्वर सिंह की आदमकद प्रतिमा का अनावरण करने के उपरान्त मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीजी कॉलेज खेल के मैदान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किया। प्रतिमा अनावरण के साथ ही साथ उन्होंने परिसर में पौधरोपण किया और वहां मौजूद दिव्यांग जनों को सहायक सामग्री का वितरण भी किया।

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  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि

गाजीपुर में शिक्षा की अलख जगाने वाले महापुरुष की प्रतिमा का अनावरण करने का सौभाग्य मिला है। यह अत्यंत गौरव की बात है। मैं उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए उनको श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने इस जनपद के लिए शिक्षा की जो मशाल जलायी वह आज पूरे प्रदेश और राज्य को आलोकित कर रहा है। वर्ष 1952 में स्थापित इस महाविद्यालय में आज करीब दस हजार छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब गोरखपुर विश्वविद्यालय से यह विद्यालय संवद्ध था तो उसी समय बाबू राजेश्वर सिंह गौरक्षा पीठ से जुड़े थे और तब से तन्मयता के साथ शिक्षा के विकास हेतु सतत प्रयासरत रहें। उनकी स्थापित प्रतिमा छात्र छात्राओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। सनातन धर्म का यह नियम है कि जिसने भी हमारे प्रति कुछ कार्य किया है उसके प्रति हम श्रद्धा का भाव व्यक्त करते हैं और यह प्रतिमा का अनावरण उस सच्चे सम्मान को व्यक्त करता है।
योगी जी ने कहा कि गाजीपुर की पुरातन सभ्यता अत्यन्त गौरवशाली रही है। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हमें पूर्व की अमूल्य धरोहरों और अमूल्य थाती को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाना होगा। हमें इससे प्रेरणा लेनी होगी।
गाजीपुर की पुरानी विरासत को संजोने के लिए ही गाजीपुर में प्रारंभ किए मेडिकल कॉलेज का नाम महर्षि विश्वामित्र के नाम पर रखा गया तो वहीं आजमगढ़ में स्थापित विश्वविद्यालय का नाम महाराजा सुहेलदेव के नाम पर रखा गया जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं को दूर भगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है और उत्तर प्रदेश भारत का सबसे युवा राज्य हैं इसमें 56 परसेंट कामकाजी वर्ग है। उन्होंने कहा कि अभी एक बड़ा कार्य आरंभ किया जा रहा है जिसमें अगले 5 वर्षों में उन परिवारों को जिसमें कोई भी कमाऊ सदस्य नहीं है उनमें से हर परिवार में कम से कम एक व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा‌। नौजवानों की सक्षम टीम को शिक्षित कर रोजगार कार्यों के रूप में उन्हें आगे बढ़ाया जायेगा।
. इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सभा मंच से स्वामी विवेकानन्द युवा शक्तिकरण योजना के अन्तर्गत युवाओ को टैबलेट, उज्ज्वला योजना के अर्न्तगत चिहिन्त लाभार्थियों को चुल्हा, पाईप, गैस सिलेण्डर, एक जनपद एक उत्पाद योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार श्रृजन कार्यक्रम, के अन्तर्गत विभिन्न लाभार्थियों को डेमो चेक का वितरण, विश्वकर्मा श्रम सम्मान के लाभार्थियों का टूल किट वितरण, श्रम विभाग की मृत्यु, विकलांगता सहायता एवं अक्षमता पेंशन योजनान्तर्गत चिहिन्त लाभार्थी को एम आई एस बॉण्ड, राष्ट्रीय आजीविका मिशन के साथ ही दिव्यांगजन एवं शक्तिकरण विभाग के लाभार्थियों को ट्राईसाईकिल, कान की मशीन, स्मार्ट केन, व्हीलचेयर, आदि का वितरण किया।

प्रदेश के अपर महाधिवक्ता तथा स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के प्रबंधक अजीब कुमार सिंह ने अपने स्वागत भाषण में माननीय मुख्यमंत्री जी का स्वागत करते हुए कहा कि गोरक्षा पीठ का सहयोग इस महाविद्यालय को आरंभ से ही मिलता रहा है और आज उसी कड़ी में गोरक्षा पीठ के पीठाधीश्वर मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी का भी आशीर्वाद इस शिक्षा संस्थान को मिला है। यह अत्यंत गौरव की बात है।
बलिया के सांसद विरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि आजादी की 75 वीं वर्षगांठ में शिक्षा के प्रति समर्पित बाबू राजेश्वर सिंह की प्रतिमा का अनावरण अपने आप में सराहनीय कार्य है। माननीय मुख्यमंत्री का सहयोग इस जिले को बराबर मिलता रहा, बाढ़ के दौरान आपने उपस्थित होकर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री प्रदान किया और उसी दिन से गंगा का जलस्तर नीचे होने लगा। सांसद ने कहा कि ऋषि और कृषि की इस धरा पर महाराज जी पुरातन संस्कृति के वाहक है। उन्होंने कहा कि अठहटा में जो बाढ़ के द्वारा नाव के डूबने की घटना हुई, मैं उससे मर्माहत हूं और वहां पक्का पुल बनवाने की घोषणा करता हूं।
कार्यक्रम में सदस्य विधान परिषद विशाल सिंह चंचल अपर महाधिवक्ता अजीत सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सपना सिंह, पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष प्रभुनाथ चौहान, नगर पंचायत अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, पूर्व मंत्री संगीता बलवंत, पूर्व विधायक अलका राय, सुनीता सिंह, सुभाष पासी, आनंद कुमार सिंह, शशिकांत शर्मा, एसपी सिंह जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह सहित अन्य भाजपा नेता व पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिखा त्रिपाठी में किया ‌।

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