रिश्वतखोर लेखपाल चढ़ा ऐन्टी करेप्शन टीम के राडार पर

गाजीपुर। शासन प्रशासन की लाख कवायद के बावजूद रिश्वतखोरी का खेल धड़ल्ले से जारी है। रिश्वत न देने पर जनता के कामों को करने में आनाकानी करते हुए उन्हें परेशान करने में कर्मचारियों का कोई शानी नहीं है। इनसे थक हारकर जहां लोग ले देकर अपना काम निकालने में ही भलाई समझते हैं वहीं कुछ लोग रिश्वत न देकर मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाने से नहीं चूकते हैं।
   इसी क्रम में जखनियां तहसील क्षेत्र का एक घूसखोर लेखपाल मंगलवार को एन्टी करप्शन टीम के राडार पर चढ़ गया। घूसखोर लेखपाल के विरुद्ध विधिक कारर्वाई पूरी कर एन्टी करप्शन टीम उसे लेकर वाराणसी रवाना हो गई।
   बताया गया है कि जखनियां तहसील व शादियाबाद थाना क्षेत्र के जगमलपुर निवासी  रामप्रवेश बनवासी को पट्टे पर जमीन मिली थी। उस जमीन की पैमाइश के लिए रामप्रवेश अपने लेखपाल से मिलकर पैमाइश करने का आग्रह किया। लेखपाल अनिल कुमार ने पैमाइश के लिए पांच हजार रुपये मांगें और रुपये न मिलने पर रामप्रवेश को काफी दिनों से दौड़ा रहा था।
       बगैर घूस दिये अपना काम न बनता देखकर परेशान रामप्रवेश ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन वाराणसी इकाई में शिकायत दर्ज कराया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने इसे गम्भीरता से लिया और संगठन के निरीक्षक विनोद कुमार यादव ने घूसखोर लेखपाल को घूस के रुपयों के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार करने हेतु व्यवस्था बनायी।
    रामप्रवेश की सूचना पर, भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम मंगलवार को जखनियां तहसील मुख्यालय पर आ धमकी। टीम ने पांच हजार रुपये के केमिकल लगे नोट रामप्रवेश वनवासी को देकर अपनी व्यूह रचना कर ली। उसके बाद रामप्रवेश ने घूस के पैसे देने के लिए लेखपाल अनिल कुमार को निर्धारित स्थान पर बुलाया। घूस की धनराशि पाने की गरज से लेखपाल बुलाये स्थान पर आ गया। रामप्रवेश ने एन्टी करप्शन टीम से प्राप्त केमिकल युक्त पांच हजार रुपए लेखपाल अनिल कुमार को सौंपा। वहीं पहले से घात लगाये बैठी सतर्कता टीम ने उन रुपयों के साथ लेखपाल को धर दबोचा। यह जानकारी मिलते ही तहसील में हड़कंप मच गया।
   इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन टीम लेखपाल को लेकर भुड़कुड़ा कोतवाली पहुंची और आवश्यक कारर्वाई पूर्ण कर लेखपाल को साथ लेकर वाराणसी चली गयी जहां उसके विरुद्ध कारर्वाई की जायेगी।


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