कुर्सी एक दिन की – पांच छात्राओं ने एक दिन के लिए संभाला प्रशासनिक दायित्व

आयुषी बनीं जिला प्रोबेशन अधिकारी तो काजल बाल संरक्षण अधिकारी


गाजीपुर। महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा मिशन शक्ति तीन, अगस्त 2021 से दिसंबर 2021 तक संचालित है। इसके अंतर्गत महिलाओं, बच्चों और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर कई तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।              
    इसी कड़ी में शुक्रवार को इंटर कॉलेज की पांच छात्राओं को एक दिन के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी, महिला कल्याण अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी, सेंटर मैनेजर और प्लेस ऑफ सेफ्टी अधीक्षक बनाया गया। इस दौरान इन अधिकारियों ने पूरे दिन अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया।
     एक दिन के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी बनी आयुषी सिंह, इंटर की छात्रा हैं। इस दौरान आयुषी सिंह ने कई फाइलों का गहन निरीक्षण किया। दहेज के मामलों से संबंधित भी फाइल उनके सामने आई, जिसमें साल 2004 का एक शासनादेश है जिसमें सरकारी कर्मचारी या अधिकारी एक शपथ पत्र विभाग को देगा कि दहेज का लेन देन नहीं करेगा। इसी दौरान एक वृद्ध भी पेश हुआ जिसे कोर्ट के द्वारा प्रतिमाह प्रोबेशन कार्यालय में हर दिन हाजिरी लगाने के लिए कहा गया है। उनकी बातों को नवागत जिला प्रोबेशन अधिकारी ने सुना।
    वहीं महिला कल्याण अधिकारी बनी छात्रा अंजू कुशवाहा ने महिला कल्याण अधिकारी नेहा राय के द्वारा विभाग से संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलकर परिचय प्राप्त किया और विभागीय कार्यों के बारे में जानकारी ली। 
      बाल संरक्षण अधिकारी बनी काजल सिंह ने अपना पद ग्रहण करते ही एक 15 वर्षीय बालक जो लगातार अपने घर से भाग जा रहा था। आज वह बाल गृह लाया गया था। काउंसलिंग करते हुए काजल ने उसे कुशल अधिकारी की तरह समझाया। इसके अलावा विभाग से जुड़े हुए कर्मचारियों से परिचय प्राप्त करने के पश्चात विभाग की फाइलों का भी अवलोकन किया और बताया कि यह हमारे लिए यह एक खुशी का पल है कि हमें आज इस पद के लिए योग्य समझा गया।
     प्लेस आफ सेफ्टी अधीक्षक बनी जिकरा खातून ने पद ग्रहण करने के पश्चात आगंतुक रजिस्टर का अवलोकन कर आए हुए लोगों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इसके अलावा एक बाल कैदी जिसे सुनवाई के लिए बिजनौर भेजना था, उसकी फाइल को भी देखा।
    वन स्टॉप सेंटर जहां पर एक छत के नीचे महिलाओं की सभी तरह की समस्याओं का निराकरण किया जाता है। वहां की सेंटर मैनेजर बनी आद्या केडिया ने बताया कि यह उनके जीवन का बहुत ही यादगार पल व अनुभव है, जो आज उन्हें मैनेजर के रूप में मिला है। वह कोशिश करेंगी कि आज के दिन जो भी महिलाएं अपनी समस्या को लेकर आएं, उसका निराकरण कर सके। इस दौरान एक महिला ने आवेदन दिया कि उसके पति ने उसे छोड़ दिया है । वह अपने मायके में रह रही है जिसके लिए उसने निवेदन किया कि वह परिवार वालों को बुलाकर उन्हें पुनः ससुराल में भेजने की कार्यवाही की जाए।
      शपथ ग्रहण के दौरान नेहा राय, शिखा सिंह,लक्ष्मी मौर्य, गोपाल जी, सुशील वर्मा,गीता श्रीवास्तव, नीतू कुमारी ,राजीव पालीवाल के साथ ही अन्य लोग भी मौजूद रहे।

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