सवेरा ! सीनियर सिटीजनों के लिए बनेगा उम्मीद की किरण

गाजीपुर, 25 नवम्बर 2019। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की सहायता हेतु ‘सवेरा’ अभियान चलाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस अपनी “यूपी 100” की वर्तमान सेवाओं को आगे बढ़ाते हुए “डायल 112” के रूप में अपनी व्यवस्था में गुणात्मक सुधार कर रही है। जिसमें इस अभियान के लिए प्रत्येक थानों से एक उपनिरीक्षक व एक सीसीटीएनएस कर्मी को प्रशिक्षण दिया गया है।
बताया गया है कि प्रदेश पुलिस की ओर से सवेरा अभियान उन लोगों की मदद करेगा, जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है। उनकी मदद, सुरक्षा व सहयोग के लिए शुरू किया गया है। अभी तक प्रायः सुनने में आता हैं कि स्वजनों द्वारा घर के अंदर वयोवृद्धों का उत्पीड़न मारने पीटने के साथ ही उनकी चल व अचल संपत्तियों को जबरन कब्जा में ले लिया जाता है। सगे-संबंधियों व पास-पड़ोस के लोगों के द्वारा भी उनके साथ अत्याचार किया जाता है। ऐसे लोगों को विभिन्न परेशानियों से बचाने के लिए ‘सवेरा’ अभियान एक नई उम्मीद की किरण बनेगा। सुनें पुलिस अधीक्षक गाजीपुर की बाइट


पुलिस अधीक्षक गाजीपुर डा अरबिन्द चतुर्वेदी के निर्देशानुसार सवेरा अभियान के तहत अभी तक 4322 लोगो का पंजीकरण किया जा चुका हैं। पंजीकरण आगे भी किया जा रहा हैं। भविष्य में थानों पर कैंप लगाकर भी पंजीकरण की कार्यवाही की जायेगी।
सबेरा रजिस्ट्रेशन के लिए पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 की ओर से वयोवृद्धों को चार विकल्प दिए गए हैं।
प्रथम विकल्प में वरिष्ठ नागरिक अपने घर बैठे ही अपने मोबाइल से डायल 112 पर फोन कर अपना पूरा ब्योरा दर्ज करा सकते है।
दूसरे विकल्प में अगर वे ऑनलाइन सुविधा चाहते हैं तो उसके लिए उन्हें अपने एंड्रायड मोबाइल नंबर पर यूपी कॉप एप अपलोड करना होगा। यूपी कॉप एप अपलोड होने के बाद जब उसे खोलेंगे तो उस पर सीनियर सिटीजन सर्विसेज पर जाकर अपने मोबाइल को रजिस्टर्ड कराना होगा।

तीसरे विकल्प के रूप में संबंधित थाने के दरोगा या सिपाही उनके घर पहचेगें और वयोवृद्धों का मोबाइल नंबर साथ में लिए टैबलेट से दर्ज करने के साथ ही पूरा विवरण भी अपलोड कर लेंगे।
चौथे विकल्प के रूप में सभी थानों पर कैम्प लगाकर क्षेत्र के वयोवृद्ध लोगों का मोबाइल नंबर के साथ ही पूरा विवरण पुलिसकर्मी दर्ज कर उसे आनलाइन फीडिंग करेंगे।
बताया गया है कि ‘सवेरा’ अभियान से जुड़े जिन सीनियर सिटीजनों का मोबाइल नंबर दर्ज हुआ है, उसे पुलिस के सहयोग के लिए सिर्फ डायल 112 पर कहीं से भी एक कॉल करना होगा। फोन करने के बाद उन्हें कुछ बताने की जरूरत नहीं होगी उनका नंबर जाते ही लखनऊ समेत अन्य मुख्यालयों पर बने कंट्रोल रूम के कम्प्यूटर स्क्रीन पर उक्त वयोवद्ध का पूरा
विवरण सामने आ जाएगा। वे कहां के हैं, उनके परिवार में कौन-कौन हैं, वे अकेले हैं या परिवार के साथ अर्थात पुलिस को उनके बारे में सम्पूर्णजानकारी उपलब्ध हो जाएगी। फोन के बाद कुछ ही मिनट बाद पुलिस उनके सहयोग के लिए पहुंच जाएगी और उनकी हर यथासंभव मदद करेगी।

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