इलेक्ट्रो होमियो पैथी के बढ़ते कदम-संसद में पेश होगा बिल

गाजीपुर (उत्तर प्रदेश),11जनवरी 2018। इलेक्ट्रो होमियोपैथी के अविष्कारक डॉक्टर काउंट सिजर मैटी की 209 वीं जयंती  इलेक्ट्रोहोमियोपैथिक चिकित्सकों व संस्थाओं द्वारा गत दिनों धूमधाम से मनाई गई। जगह जगह इलेक्ट्रोहोमियोपैथिक प्रेमियों द्वारा महात्मा मैटी के चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।वक्ताओं ने कहा कि महात्मा मैटी ने विश्व कल्याणार्थ मात्र वनस्पतियों पर आधारित चिकित्सा पद्धति प्रस्तुत कर सराहनीय कार्य किया।इलेक्ट्रो होमियोपैथी की ये औषधियां अनुपम,तत्काल गुणकारी, हानिरहित और विषविहीन होती हैं, इनके प्रयोग से शरीर में किसी प्रकार की हानि नहीं होती है। इलेक्ट्रो होमियोपैथी को राजकीय संरक्षण दिये जाने हेतु अनेकों प्रयास किये जा चुके हैं।उसी कड़ी में 9 जनवरी 2018 का दिन इलेक्ट्रो होमियो पैथी के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ है। डा.मनोज कुुमार भदौरिया के अनुसार आजादी के सात दशक के बाद इलेक्ट्रो होमियोपैथी की मान्यता के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (स्वास्थ्य एवं अनुसंधान विभाग) द्वारा स्वयं पहल करते हुए गत वर्ष डीएचआर  के सचिव व आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल डा.वी.एम. कटोच  की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय 20 सदस्यीय”इंटर डिपार्टमेंटल कमेटी” का गठन किया था। इस कमेटी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव, केंद्रीय आयुष मंत्रालय के सचिव, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई), सेंट्रल कौंसिल ऑफ होमियोपैथी (सीसीएच), केंद्रीय आयुर्वेद एवं सिद्ध अनुसंधान परिषद (सीसीआर एएस),भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) व अन्य विभागों के प्रमुख वैज्ञानिक एवं अधिकारी शामिल रहे। स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के आमंत्रण पर उपरोक्त कमेटी के समक्ष 9 जनवरी 2018 को देश के 27 इलेक्ट्रो होम्योपैथिक संस्थानों द्वारा सकारात्मक और वैज्ञानिक तरीके से अपने- अपने प्रेजेंटेशन के माध्यम से इलेक्ट्रो होम्योपैथी की वैज्ञानिकता का प्रस्तुतीकरण प्रभावी ढंग से किया गया। मिटींग केे दौरान उच्च स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष डॉ वी एम कटोच  ने सभी संगठनों व चिकित्सकों के संघर्ष की सराहना करते हुए इलेक्ट्रो होमियोपैथी की मान्यता हेेेतु भारत सरकार के सकारात्मक रूप को भी स्पष्ट किया था ।

* कमेटी के निर्णय —–

 मीटिंग के पश्चात “इंटर डिपार्टमेंटल कमेटी ” में शामिल 20 सदस्यों में से 14 सदस्यों द्वारा इलेक्ट्रो होमियोपैथी को मान्यता दिए जाने के पक्ष में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई जबकि 6 सदस्यों द्वारा कुछ बिंदुओं पर असहमती व्यक्त की गई है। जिसका निराकरण सब को सम्मिलित रूप से मिल बैठकर  २० फरवरी को संभावित बैठक में कर लेने की आवश्यकता है।प्राप्त जानकारी के अनुसार कमेटी के अध्यक्ष डॉ वी एम कटोच के अनुसार भारत सरकार मान्यता की समस्त प्रक्रिया पूर्ण कर सितंबर 2018 में चलने वाले मानसून सत्र में यह बिल सांसद भवन में पास कराना चाहती है। सरकार के इस कार्यवाही से इलेक्ट्रो होमियोपैथिक चिकित्सकों में आस जगी है कि सम्वतः अब उन्हें भी समाज में उनका सम्मानित स्थान प्राप्त हो सकेगा।

      जय मैटी – जय इलेक्ट्रो होमियोपैथी

 


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