हृदयाघात के लक्षण और बचाव पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
उच्च रक्तचाप और मधुमेह को बताया प्रमुख जोखिम कारक
गाजीपुर। राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, रौजा के सभागार में शनिवार को ‘हार्ट फेल्योर : कारण, लक्षण, आधुनिक चुनौतियां और होम्योपैथिक दृष्टिकोण’ विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान सम्पन्न हुआ। मुख्य

वक्ता डॉ. विजेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को हृदय संबंधी इस गंभीर समस्या के कारणों, लक्षणों, बचाव और प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की विवेचना करते हुए विस्तृत जानकारी दी।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्राचार्य प्रो. डॉ. राजेंद्र सिंह और मुख्य वक्ता ने महात्मा हैनीमैन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और बढ़ता मानसिक तनाव हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारक बन रहे हैं। चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की जानकारी के साथ रोगों की रोकथाम और उपचार से जुड़े विभिन्न पहलुओं का भी अध्ययन करना चाहिए।
डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि हार्ट फेल्योर का अर्थ यह नहीं है कि हृदय ने काम करना पूरी तरह बंद कर दिया है, बल्कि इस स्थिति में हृदय शरीर की जरूरत के अनुसार पर्याप्त रक्त पंप नहीं कर पाता। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कोरोनरी धमनी रोग, मोटापा, धूम्रपान और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख जोखिम कारक हैं। उन्होंने कहा कि सांस फूलना, विशेषकर लेटने पर परेशानी होना, पैरों और टखनों में सूजन, लगातार थकान तथा अचानक वजन बढ़ना हार्ट फेल्योर के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
बचाव के उपायों पर चर्चा करते हुए उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित खानपान, नमक और वसायुक्त भोजन का सीमित सेवन, तनाव प्रबंधन तथा नियमित स्वास्थ्य जांच को जरूरी बताया। व्याख्यान में होम्योपैथिक चिकित्सा के दृष्टिकोण से भी दीर्घकालिक बीमारियों के प्रबंधन और जीवनशैली में सुधार की भूमिका पर चर्चा की गई। साथ ही स्पष्ट किया गया कि हार्ट फेल्योर जैसी गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख और प्रमाणित उपचार आवश्यक हैं।
अंत में विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने मुख्य वक्ता से सवाल-जवाब किए। संवादात्मक सत्र में हृदय रोगों से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के चिकित्सक, प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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