चार माह बाद भी 81 लाख की चोरी का खुलासा न होने से पीड़ितों में आक्रोश
पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों से लगाई बरामदगी की गुहार
गाजीपुर। मरदह थाना क्षेत्र के बरही गांव में 16/17 अप्रैल की रात दो घरों में हुई करीब 81 लाख रुपये की चोरी का चार माह के बावजूद अब तक खुलासा न होने से पीड़ित परिवारों में आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित परिवारों ने पुलिस उच्चाधिकारियों से मामले की वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा कराकर चोरी की संपत्ति की बरामदगी सुनिश्चित कराने की मांग की है।
बताते चलें कि पीड़ित प्रमोद कुमार यादव पुत्र रामायण सिंह यादव के अनुसार, चोर उनके घर से करीब 50 लाख रुपये मूल्य के स्वर्ण आभूषण और 50 हजार रुपये नकद तथा उनके चाचा कैलाश सिंह यादव के घर से करीब 30 लाख रुपये के स्वर्णाभूषण और 55 हजार रुपये नकद चोरी होने की बात कही गई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि वारदात के बाद से रात के समय घर की सुरक्षा को लेकर भय बना रहता है और बड़ी मात्रा में संपत्ति चोरी होने के बावजूद अब तक चोरी गए सामान की बरामदगी नहीं हो पाना उनके लिए चिंता का विषय है।
परिवार के मुताबिक घटना के बाद फॉरेंसिक और बीटीएस/सर्विलांस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। मौके से कथित रूप से चोर का छोड़ा हुआ गमछा भी मिला था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वैज्ञानिक और तकनीकी जांच से सामने आए तथ्यों की उन्हें अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। प्रमोद कुमार यादव के मुताबिक उन्हें पुलिस स्तर से मौखिक रूप से जानकारी मिली कि सीतापुर क्षेत्र से करीब पांच संदिग्धों को पकड़ा गया है तथा उन्हें न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया गया है। हालांकि, इन संदिग्धों का बरही की घटना से क्या संबंध है और चोरी की संपत्ति में से क्या बरामद हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी परिवार को अब तक नहीं मिल सकी है। परिवार का कहना है कि यदि गिरफ्तार किए गए संदिग्धों का घटना से संबंध है तो उनसे हुई पूछताछ, उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई और बरामदगी की स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए। पीड़ित की ओर से मामले को लेकर पूर्व में उच्चाधिकारियों को शिकायतें भेजे जाने की भी बात कही गई है। परिवार के अनुसार शिकायतों के आईजीआरएस पोर्टल पर भी दर्ज हैं। इसके बाद भी घटना के खुलासे के संबंध में उन्हें अब तक संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी है।
उल्लेखनीय है कि प्रमोद कुमार यादव वर्तमान में 2 असम राइफल्स में जम्मू-कश्मीर के गांदरबल क्षेत्र में सीआईसीटी ड्यूटी पर तैनात हैं। उनका कहना है कि राष्ट्र सेवा के कारण वह परिवार से दूर हैं। ऐसे में परिवार की सुरक्षा और जीवनभर की जमा-पूंजी से जुटाए गए आभूषणों की बरामदगी को लेकर उनकी चिंता बढ़ी हुई है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक गाजीपुर, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन तथा पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश से मामले की वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा कराने की मांग की है। साथ ही वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों की पुनः जांच, संदिग्धों से प्रभावी पूछताछ और चोरी गए स्वर्ण आभूषणों व नकदी की अधिकतम संभव बरामदगी सुनिश्चित कराने की गुहार लगाई है।
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