जनसंख्या वृद्धि के कारण संसाधनों की कमी से बुनियादी ढांचा प्रभावित 

गाजीपुर। राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल गाजीपुर में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम प्राचार्य प्रोफेसर डॉ राजेंद्र सिंह के निर्देशन में  सम्पन्न हुआ।


         प्रवक्ता डॉ प्राणेश कुमार सिंह ने कहा कि 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 2026 में, भारत 1.47 अरब से अधिक की आबादी के साथ दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बना हुआ है।

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष द्वारा इस वर्ष की थीम “युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना – वर्तमान तथा भविष्य के लिये” है। यह थीम युवाओं के प्रजनन स्वास्थ्य, उनके विकल्पों, और परिवार नियोजन के अधिकारों का समर्थन करने पर केंद्रित है।

         विश्व जनसंख्या दिवस की शुरुआत 1989 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा की गई थी। इसकी प्रेरणा 11 जुलाई 1987 को मिली थी, जब दुनिया की आबादी 5 अरब (“फाइव बिलियन डे”) तक पहुंच गई थी। दुनिया की कुल आबादी 8.3 अरब (830 करोड़) को पार कर चुकी है। अनुमान है कि यह 2037 तक 9 अरब और 2050 तक 9.7 अरब तक पहुंच जाएगी। भारत की जनसंख्या लगभग 147 करोड़ (1.47 अरब) है, जो वैश्विक आबादी का करीब 17 फिसदी है।बढ़ती आबादी देश के लिए चुनौती और ताकत दोनों है।

      बढ़ती आबादी के कारण संसाधनों पर दबाव लगातार जारी है। पानी का संकट, प्रदूषण, आवास, और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएं गंभीर हो रही हैं। वहीं बुनियादी ढांचा जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। आज आवश्यकता है कि सभी लोग जागरूक बनें और जनसंख्या पर नियंत्रण हेतु तत्पर रहें।

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