बन्द है मिड-डे-मिल का बनना

गाज़ीपुर। शिक्षा क्षेत्र सादात अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय खलीलपुर में पढ़ने वाले नौनिहालों को पिछ्ले आठ दिनों से मिड-डे-मिल का भोजन मिलना बंद है और वह खाली पेट अपने घर लौटने को विवश हैं। 

        ग्रीष्मावकाश के बाद तीन जुलाई से स्कूल खुलने के बाद से सोमवार तक एमडीएम का संचालन बंद होने के पीछे हेडमास्टर व ग्राम प्रधान के बीच आपसी खींचतान बताया जाता है। फिलहाल दोनों के बीच आपसी खुन्नस का खमियाजा बच्चे भुगतने को विवश हैं, जिसे लेकर उनके अभिवव्क भी चिंतित व परेशान हैं। 

              बताते चलें कि प्राथमिक विद्यालय खलीलपुर में कुल 53 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां प्रधानाध्यापक सहित तीन अध्यापक व एक शिक्षामित्र की तैनाती है। प्रधानाध्यापक रामधनी सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान उर्मिला देवी के प्रतिनिधि द्वारा नौ फरवरी 2023 से एमडीएम का संचालन अपने हाथ में लेते हुए राशन आदि अपने घर रख लिया गया। उनके द्वारा यहीं से राशन भेजकर 15 मई तक एमडीएम बनवाया जाता रहा। हेडमास्टर ने बताया कि ग्रीष्मावकाश के बाद तीन जुलाई से स्कूल खुलने के बाद से ही प्रधान द्वारा एमडीएम नहीं बनवाया जा रहा है। ऐसे में बच्चों की उपस्थिति पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। हेडमास्टर द्वारा इसकी लिखित शिकायत खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं बीडीओ से भी की जा चुकी है, फिर भी संचालन शुरू नहीं हो सका है। इस बारे में पूछे जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि सादात के खण्ड शिक्षा अधिकारी मनीष पांडेय को निर्देश दिया गया है कि वह स्वयं विद्यालय पर जाकर मिड-डे-मील का संचालन शुरू कराएं।

       उधर हेडमास्टर रामधनी चौहान ने बताया कि सोमवार को बीईओ द्वारा उन्हें अगले दिन से किसी भी तरह भोजन बनवाने का निर्देश दिया गया, जिस पर उन्होंने खाद्यान्न ग्राम प्रधान के पास होना बताते हुए असमर्थता जाहिर किया है।

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