नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 75 वीं जयन्ती पर बदल सकते हैं द्वीपों के नाम,

नई दिल्ली, 26 दिसम्बर 2018। अंडमान और निकोबार के तीन लोकप्रिय द्वीपों-रॉस द्वीप, नील द्वीप और हैवलॉक द्वीप को नव वर्ष से पहले नए नाम से नवाजा जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल बीजेपी के उपाध्यक्ष चंद्र कुमार बोस ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नाम बदलकर ‘शहीद और स्वराज द्वीप’ रखने हेतु प्रधान मंत्री को पत्र लिखा था।
उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 75 वीं वर्षगांठ पर पोर्ट ब्लेयर की यात्रा के दौरान इसकी घोषणा कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार ‘सरकार ने रॉस द्वीप का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप करने का फैसला किया है। इसी क्रम में नील द्वीप को शहीद द्वीप और हैवलॉक द्वीप का नाम स्वराज द्वीप कर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि दी जा सकती है।
बताते चलें कि “तुम मुझे खुन दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का उद्घोष कर ब्रितानियों के दिल में भारतीयों का खौफ पैदा करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर, 1943 को पोर्ट ब्लेयर में तत्कालीन जिमखाना ग्राउंड (अब नेताजी स्टेडियम) में राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर घोषणा की थी कि अंडमान और निकोबार द्वीप स्वतंत्र होने वाला पहला भारतीय क्षेत्र है।
ज्ञातव्य है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानियों ने द्वीप को अपने कब्जे में कर लिया था। उन्होंने अंडमान द्वीप को शहीद और निकोबार द्वीप को स्वराज नाम दिया और इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के जनरल ए डी लोगनाथन को इसका गवर्नर भी नियुक्त किया था।


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