स्टैचू ऑफ यूनिटी ! सरदार वल्लभ भाई पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा का हुआ अनावरण
नर्मदा (गुजरात), 31 अक्टुबर 2018 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के सम्मान में बनाई गई विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ का आज अनावरण
किया। इस प्रतिमा के निर्माण में 70,000 टन सीमेंट, 18,500 टन लोहा, 6,000 टन स्टील और 1,700 मीट्रिक टन कांसे का उपयोग किया गया है।
यह प्रतिमा 182 मीटर ऊंची विशाल ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ अमेरिका की ‘स्टैचू ऑफ लिबर्टी’ से दोगुनी ऊंची है तथा गुजरात के नर्मदा जिले में सरदार सरोवर बांध के पास साधु बेट टापू पर खड़ी है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास के महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। राष्ट्र के नवनिर्माण में सरदार पटेल के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि उनके कारण आज भारत एकजुट है। सरदार साहब का सामर्थ्य तब भारत के काम आया था, जब मां भारती साढ़े पांच सौ से ज्यादा रियासतों में बंटी थी। दुनिया में भारत के भविष्य के प्रति घोर निराशा थी। निराशावादियों को लगता था कि भारत अपनी विविधताओं की वजह से ही बिखर जाएगा। सरदार पटेल ने 5 जुलाई, 1947 को रियासतों को संबोधित करते हुए कहा था कि- ‘विदेशी आक्रांताओं के सामने हमारे आपसी झगड़े, आपसी दुश्मनी, वैर का भाव, हमारी हार की बड़ी वजह थी। अब हमें इस गलती को नहीं दोहराना है और न ही दोबारा किसी का गुलाम होना है।’ आज पूरा देश सरदार पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस मना रहा है। भारत के सम्मान के लिए समर्पित एक विराट व्यक्तित्व का उचित स्थान देने का और अपने इतिहास को उजागर करने का काम भारत के वर्तमान ने किया है। आज जब धरती से लेकर आसमान तक सरदार साहब का अभिषेक हो रहा है, तब भारत ने न सिर्फ अपने लिए एक नया इतिहास रचा है, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा का गगनचुंबी आधार भी रखा है।
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