शिखर वार्ता ! प्रधानमंत्री मोदी ने आबे के साथ की प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2018। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने आज प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। भारत और जापान के बीच आज 13वीं शिखर वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शिंजो आबे के बीच व्यापक द्विपक्षीय और पारस्परिक हित के मुद्दों समेत क्षेत्रीय मसलों पर विस्तार से चर्चा हुई। भारत और जापान के बीच आपसी और क्षेत्रीय हितों से जुड़े छह समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। दोनों देशों के बीच मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के लिए ओडीए लोन को लेकर हस्ताक्षर हुए। इसके अलावा आयुष्मान भारत के क्षेत्र में सहयोग, डिजिटल साझेदारी, खाद्य प्रसंस्करण, नौसेना के बीच सहयोग जैसे विषयों पर सहमति बनी। जापान ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद पीएम मोदी और पीएम आबे ने संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर किए। संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी एशिया की सदी है और भारत-जापान के सहयोग के बिना 21वीं सदी एशिया की सदी नहीं हो सकती। उन्होंने जापान का अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में स्वागत किया । पीएम मोदी ने कहा कि आज हमने आने वाले भविष्य के लिए साझा विजन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कल हमारे भविष्य को नई रोशनी देगा। हमारे बीच पूरी सहमति बने हम अपने सहयोग को डिजिटल पार्टनरशिप से साइबरस्पेस तक, स्वास्थ्य से सुरक्षा तक और सागर से अंतरिक्ष तक अबाध गति देंगे।
औपचारिक शिखर वार्ता के एक दिन पूर्व ही दोनों प्रधानमंत्रियों ने खूबसूरत प्रशासनिक प्रांत यामानाशी में माउंट फुजी के पास एक आलीशान रिसार्ट में करीब आठ घंटे साथ-साथ बिताये । इस दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों पर और द्विपक्षीय संबंध के रणनीतिक आयाम को और गहरा करने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की कलात्मक दरियां और प्रस्तर के दो हस्तनिर्मित कटोरेनुमा पात्र ,जो राजस्थान से प्राप्त गुलाबी एवं पीत वर्णी स्फटिक के थे, उपहारस्वरूप भेंट किए। इन प्रस्तर पात्रों और दरियों को अहमदाबाद के प्रतिष्ठित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजायन (एनआईडी) की देखरेख में तैयार किया गया था।
भारत-जापान सालाना शिखर सम्मेलन में भाग लेने शनिवार को यहां पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों को ‘नया भारत’ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। कहा कि भारत हमेशा भारतीय समाधान-वैश्विक उपादान की भावना के साथ काम कर रहा है और वित्तीय समावेश का भारतीय तरीका विशेषकर जन धन योजना-मोबाइल-आधार की तिकड़ी और डिजिटल लेन-देन के प्रारूप को पूरे विश्व में सराहा जा रहा है।
भारत आज के समय में डिजिटल संरचना के क्षेत्र में शानदार प्रगति कर रहा है। ब्राडबैंड अब गांवों में पहुंच रहा है और देश में 100 करोड़ से अधिक सक्रिय मोबाइल उपभोक्ता हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम न केवल भारत के लिए बल्कि दुनिया भर के लिए गुणवत्तायुक्त उत्पाद बना रहे हैं। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहन विनिर्माण के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनता जा रहा है।
मोदी ने कहा, ‘‘पिछले साल हमारे वैज्ञानिकों ने एक साथ में 100 से अधिक उपग्रह प्रक्षेपित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। हमने काफी कम लागत में चंद्रयान और मंगलयान भेजा। भारत 2022 में अंतरिक्ष में गगनयान भेजने की तैयारी कर रहा है। गगनयान हर मायने में भारतीय होगा और इसमें जाने वाला एक यात्री भी भारतीय होगा।’’
प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के लोगों को जापान में भारत का दूत बताते हुए उनसे देश में निवेश करने तथा मातृभूमि से सांस्कृतिक संबंध बनाये रखने का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय समुदाय को वाराणसी में जनवरी में होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस और अर्द्ध कुंभ में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।


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