रामलीला ! सरभंग मुनि को श्रीराम ने भेंजा अपने धाम
गाजीपुर(उत्तर प्रदेश),15अक्टुबर 2018। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वाधान में बन्दे वाणी विनायकौ आदर्श रामलीला मण्डल के कालाकारों द्वारा स्थानीय अर्बन बैंक के समीप राजा शम्भुनाथ के बाग में कबन्ध नामक राक्षस का बध और सरभंग मुनि की गति लीला सम्पन्न कर श्रीराम, लक्ष्मण व सीता रथ पर सवार होकर रामलीला स्थल पहुचकर अपने दस अवतार की झांकी का दर्शन कराने के लीला का मंचन किया गया।
यह प्रसंग उस समय का है जब प्रभु श्रीराम चौदह वर्ष के वनवास काल में ऋषि अत्रि, सुतीक्ष्ण, महर्षि अगस्त, बाल्मिकी सहित अनेकों ऋषियों का दर्शन कर उनका आर्शिवाद लेते हुए घोर जंगल की ओर प्रस्थान करते हैं। वह कबन्ध नामक राक्षस का बध करते हुए जंगल झाड़ियों को पार करते हुए सरभंग मुनि के आश्रम में पहुचते हैं और दोनो हाथ जोड़कर समाधि में लगे हुए सरभंग मुनि से समाधि तोड़ने की प्रार्थना करते हैं। इसके बाद सरभंग ऋषि उनका दर्शन करते है और अपने आपको धन्य समझते हुए प्रभु से निवेदन करते है कि हे प्रभु आज मेरी तपस्या सफल हो गयी, आप मुझे अपने धाम भेजने की कृपा करे। श्रीराम उनके बचनों को सुनते हुए अपने धाम भेज देते है। इसके बाद श्रीराम लक्ष्मण व सीता सहित रथ पर सवार होकर लंका के लिए प्रस्थान करते है और लंका स्थित मैदान में जाकर दशानार्थियों को अपने दस अवतार का दर्शन कराते हैं । इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष दीनानाथ गुप्ता, उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा, उपमंत्री पं. लवकुमार त्रिवेदी उर्फ बड़े महाराज, प्रबन्धक बीरेश राम वर्मा, उपप्रबंधक शिवपूजन तिवारी, राजकुमार शर्मा, राम सिंह यादव, पं0 बालगोविन्द त्रिवेदी, वैष्णो त्रिवेदी, कृष्णांश त्रिवेदी सहित हजारों की संख्या में दर्शकगण उपस्थित रहे।
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