मत्स्य क्लस्टर व धान की उन्नत तकनीकों का किया निरीक्षण

गाजीपुर। विश्व बैंक पोषित ‘उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल एंटरप्राइज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग’ (यूपी एग्रिज) परियोजना के तहत कृषि एवं मत्स्य गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह और प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने सदर ब्लॉक के तलवल गांव में प्रस्तावित 26 और 11 हेक्टेयर के दो मत्स्य क्लस्टरों का जायजा लिया। उन्होंने करीब 23 से 25 मत्स्य पालकों व किसानों से संवाद कर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली तथा क्लस्टर गठन की प्रक्रिया, पात्रता, उद्देश्य और सामूहिक मत्स्य पालन के संभावित लाभों की जानकारी दी।


इसके बाद देवकली ब्लॉक के बूढ़नपुर गांव में डीएसआर और पीटीआर तकनीक से की गई धान की खेती का निरीक्षण किया गया। किसानों ने बताया कि डीएसआर तकनीक से श्रम, समय और पानी की बचत होती है। वहीं, पीआर-126 जैसी कम अवधि वाली धान की किस्म की खेती से रबी फसल की समय से बुआई में सुविधा मिलती है। इस दौरान डीपीएम डॉ. वीरेंद्र कुमार राव, जिला मत्स्य अधिकारी महेश सिंह, वरिष्ठ उप प्रबंधक डॉ. काजल सिंह, उप प्रबंधक मत्स्य डॉ. सुबुही आब्दी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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